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बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज, शासन की उच्चस्तरीय समिति आज पहुंचेगी धाम; अधिकारियों से हो सकती है पूछताछ

बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए शासन की उच्चस्तरीय समिति मंगलवार को धाम पहुंचेगी. समिति चढ़ावे के संग्रह, गणना, रिकॉर्ड, सीसीटीवी व्यवस्था और बैंक में जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज, शासन की उच्चस्तरीय समिति आज पहुंचेगी धाम; अधिकारियों से हो सकती है पूछताछ
Courtesy: Pinterest

बदरीनाथ: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है. शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति मंगलवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर पूरे मामले की मौके पर जांच करेगी. यह समिति मंदिर परिसर, नगद चढ़ावा गणना कक्ष, अभिलेखों, सीसीटीवी व्यवस्था और चढ़ावे के संग्रह से लेकर बैंक में जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया का विस्तृत निरीक्षण करेगी.

शासन ने इस मामले को श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय माना है. इसी कारण जांच का दायरा व्यापक रखा गया है ताकि किसी भी स्तर पर हुई संभावित अनियमितता का पता लगाया जा सके. समिति का उद्देश्य चढ़ावे के प्रबंधन की पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा करना और तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करना है.

किन-किन चीजों की होगी जांच?

मंडलायुक्त आनंद स्वरूप के नेतृत्व में गठित जांच समिति मंदिर में दान और चढ़ावे के संग्रह, सुरक्षित भंडारण, नगद गणना, अभिलेखीकरण और बैंक में जमा करने तक की सभी प्रक्रियाओं का परीक्षण करेगी. इसके साथ ही समिति संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है. जांच के दौरान विभिन्न पहलुओं पर जानकारी लेकर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.

समिति जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, रजिस्टरों और डिजिटल रिकॉर्ड का भी मिलान करेगी. इसके अलावा मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और रिकॉर्डिंग की भी जांच की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

क्या लिया गया है एक्शन?

इस मामले में विशेष जांच दल ने आरोपी प्रमोद नौटियाल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही हैं. जांच का प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित चढ़ावा चोरी केवल एक व्यक्ति की करतूत थी या इसके पीछे किसी संगठित तंत्र की भूमिका भी रही है.

शासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. वहीं श्रद्धालुओं की आस्था बनाए रखने और मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं. जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.