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उत्तराखंड को केंद्र का बड़ा तोहफा! 451.63 करोड़ रुपये से बदलेगी विकास की तस्वीर

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को पूंजीगत विकास परियोजनाओं के लिए 451.63 करोड़ रुपये की पहली ब्याज-मुक्त विशेष सहायता ऋण किस्त मंजूर की है. इससे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
उत्तराखंड को केंद्र का बड़ा तोहफा! 451.63 करोड़ रुपये से बदलेगी विकास की तस्वीर
Courtesy: @ukcmo

उत्तराखंड के विकास कार्यों को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय सहयोग दिया है. वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2026-27 के लिए 'स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट' योजना के तहत राज्य को 451.63 रुपये करोड़ की पहली किस्त मंजूर की है. यह राशि विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण और विस्तार में खर्च की जाएगी.

पूंजीगत परियोजनाओं को मिलेगा नया बल

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार यह सहायता योजना के पार्ट-1 के तहत स्वीकृत की गई है. राज्य सरकार इस राशि का उपयोग पहले से मंजूर पूंजीगत परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में करेगी. साथ ही वर्ष 2025-26 की योजना में बची 53.27 करोड़ रुपये की राशि को भी 2026-27 की स्वीकृत परियोजनाओं में स्थानांतरित किया जाएगा. इस समायोजन के बाद पहली किस्त जारी की गई है, जिससे विकास कार्यों की गति और तेज होने की उम्मीद है.

सड़क, स्वास्थ्य और पर्यटन परियोजनाओं को बढ़ावा

केंद्र सरकार की इस योजना के तहत राज्यों को ब्याज-मुक्त विशेष सहायता ऋण दिया जाता है. इसका उद्देश्य सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करना है. उत्तराखंड में इस वित्तीय सहयोग से विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी. साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है.

मुख्यमंत्री ने जताया केंद्र का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार उत्तराखंड के विकास में भागीदार की भूमिका निभा रही है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि स्वीकृत राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ जनहित की परियोजनाओं में किया जाएगा, ताकि राज्य के समग्र और सतत विकास को नई दिशा मिल सके.