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उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब होगी AI की एंट्री, 49 हजार टीचर्स को मिल चुकी ट्रेनिंग

यह पहल उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है. पहाड़ी इलाकों में जहां संसाधनों की कमी रहती है, वहां AI जैसी तकनीक से पढ़ाई को रोचक और समावेशी बनाया जा सकता है. इससे छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा और टीचर्स भी खुद को अपडेट रख पाएंगे.

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Edited By: Antima Pal
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब होगी AI की एंट्री, 49 हजार टीचर्स को मिल चुकी ट्रेनिंग
Courtesy: pinterest

उत्तराखंड: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की एंट्री हो रही है. राज्य सरकार ने शिक्षकों के लिए एक विशेष सतत व्यावसायिक विकास (CPD) प्रोग्राम शुरू करने का फैसला किया है, जिसमें AI आधारित ट्रेनिंग दी जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य है कि टीचर्स आधुनिक तकनीक से बच्चों को बेहतर और व्यक्तिगत शिक्षा दे सकें, ताकि उत्तराखंड के छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई प्राप्त कर सकें.

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब होगी AI की एंट्री

प्रदेश में कुल 13,825 सरकारी स्कूल हैं, जहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को इस प्रोग्राम के तहत AI की बेसिक जानकारी, डेटा का इस्तेमाल करके पढ़ाने के तरीके और छात्रों के मूल्यांकन का सही विश्लेषण सिखाया जाएगा. SCERT (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) के अनुसार AI की मदद से हर बच्चे को उसकी सीखने की गति और समझ के हिसाब से मटीरियल उपलब्ध होगा. अगर किसी बच्चे को किसी टॉपिक में ज्यादा समय लगता है, तो उसे अतिरिक्त आसान सामग्री मिलेगी, जबकि तेज सीखने वाले छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण कंटेंट तैयार किया जाएगा. 

49 हजार टीचर्स को मिल चुकी ट्रेनिंग

यह पर्सनलाइज्ड लर्निंग का एक बड़ा कदम है. ट्रेनिंग के लिए डिजिटल मॉड्यूल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं. हाल ही में दिल्ली के भारत मंडपम में हुए 'भारत बोधन AI कॉन्क्लेव' से मिली जानकारियों को उत्तराखंड की जरूरतों के मुताबिक अपनाया जाएगा. इस प्रोग्राम से बेसिक साक्षरता, मल्टी-लैंग्वेज प्लेटफॉर्म और बच्चों की क्षमता के अनुसार पढ़ाई जैसे नए प्रयोग बढ़ेंगे. 

खास बात यह है कि राज्य के कुल 54 हजार के करीब शिक्षकों में से 49 हजार पहले ही डिजिटल ट्रेनिंग ले चुके हैं. यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि डिजिटल स्किल्स की बुनियाद पहले से मजबूत होने से AI ट्रेनिंग को लागू करना आसान होगा. सरकार का लक्ष्य है कि टीचर्स न सिर्फ तकनीक सीखें, बल्कि उसे क्लासरूम में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करें.

यह पहल उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है. पहाड़ी इलाकों में जहां संसाधनों की कमी रहती है, वहां AI जैसी तकनीक से पढ़ाई को रोचक और समावेशी बनाया जा सकता है. इससे छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा और टीचर्स भी खुद को अपडेट रख पाएंगे. कुल मिलाकर उत्तराखंड सरकार की यह कोशिश शिक्षा में डिजिटल क्रांति लाने वाली साबित हो सकती है.