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India Daily

14 करोड़ की विरासत, 12 लाख की सुपारी; लालच में मां ने घोंटा ममता का गला, शहीद कर्नल के बेटे की हत्या में खौफनाक मोड़

देहरादून में अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. 14 करोड़ की जमीन डील और 12 लाख की सुपारी के बीच रिश्तों की दरार खून तक पहुंच गई. पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मां और सहयोगियों की भूमिका सामने आई है.

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Edited By: Babli Rautela
14 करोड़ की विरासत, 12 लाख की सुपारी; लालच में मां ने घोंटा ममता का गला, शहीद कर्नल के बेटे की हत्या में खौफनाक मोड़
Courtesy: X

देहरादून से आई यह खबर रिश्तों को झकझोर देने वाली है. शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसने पूरे शहर को सन्न कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि 14 करोड़ रुपये की जमीन डील, 12 लाख रुपये की सुपारी और एक खतरनाक शर्त ने इस वारदात को जन्म दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस साजिश में मां का नाम भी सामने आया है.

अर्जुन शर्मा के पिता शहीद कर्नल थे. उनकी याद में परिवार को गैस एजेंसी मिली थी. यही एजेंसी समय के साथ मां और बेटे के बीच विवाद की जड़ बन गई. अर्जुन को शक था कि एजेंसी की कमाई का बड़ा हिस्सा विनोद उनियाल के खातों में जा रहा है. वह अपनी विरासत का हिसाब चाहता था. इसी मुद्दे को लेकर घर में तनाव बढ़ता गया और रिश्तों में दरार गहरी होती चली गई.

14 करोड़ की जमीन डील बनी टर्निंग प्वाइंट

जांच में सामने आया कि जीएमएस रोड स्थित करोड़ों की जमीन को 14 करोड़ रुपये में डॉ अजय खन्ना को बेचा गया. जमीन पर करीब चार करोड़ रुपये का कर्ज था. कथित तौर पर लोन चुकाने के बाद रजिस्ट्री कर दी गई. हैरानी की बात यह रही कि सौदे की रकम में से 8 करोड़ रुपये अगले ही दिन विनोद उनियाल के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए.

इस डील में एक खतरनाक शर्त भी जुड़ी थी. अगर जमीन का कब्जा नहीं मिला तो खरीदार को दोगुनी रकम लौटानी होगी. अर्जुन ने कोर्ट से स्टे ले लिया, जिससे कब्जा और भुगतान दोनों अटक गए. साजिशकर्ताओं पर 28 करोड़ रुपये का दबाव बनने लगा.

12 लाख में तय हुई सुपारी

पुलिस के अनुसार अर्जुन को रास्ते से हटाने के लिए 15 लाख रुपये की मांग की गई थी. बाद में 12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ. तीन लाख रुपये एडवांस दिए गए और बाकी रकम काम पूरा होने के बाद देने की बात तय हुई. ड्राइवर पंकज राणा और उसका भाई राजीव इस साजिश में शामिल बताए गए हैं. राजीव पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था, हालांकि बाद में साक्ष्य के अभाव में बरी हो गया था. वारदात के दिन परेड ग्राउंड के पास टेनिस कोर्ट क्षेत्र को चुना गया, जहां भीड़ में भाग निकलना आसान था. तिब्बती मार्केट के बाहर अर्जुन को गोली मार दी गई.

देहरादून पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो अलग अलग मुठभेड़ों में मुख्य शूटरों को गिरफ्तार कर लिया. कुल पांच आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. जांच में मां बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ अजय खन्ना की कथित भूमिका भी सामने आई है. पुलिस अब पैसों के लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर रही है.

रिश्तों के नाम पर सबसे बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे और रिश्तों के टूटने की कहानी भी है. जिस मां की ममता को सबसे पवित्र माना जाता है, उसी पर लालच हावी होने का आरोप पूरे समाज को झकझोर रहा है. जमीन और पैसों के लिए बेटे की जान लेने की साजिश ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या संपत्ति का लालच इंसान को इस हद तक अंधा कर सकता है. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और कोर्ट में आगे की सुनवाई के बाद कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं.