उत्तराखंड कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, गोल्डन कार्ड में जुड़ेंगी अब OPD सुविधा

उत्तराखंड सरकार सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों के लिए गोल्डन कार्ड योजना में OPD सेवाओं को भी शामिल करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत कैशलेस जांच और दवा की सुविधा मिल सकती है.

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Babli Rautela

उत्तराखंड सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है. अब गोल्डन कार्ड योजना में OPD सेवाओं को भी शामिल किया जा सकता है. इसके बाद लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती हुए बिना ही OPD के दौरान कैशलेस जांच और दवा की सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो सकता है.

फिलहाल गोल्डन कार्ड योजना के तहत कैशलेस सुविधा मुख्य रूप से अस्पताल में भर्ती होने यानी IPD सेवाओं के दौरान मिलती है. कर्मचारी लंबे समय से OPD को भी योजना में शामिल करने की मांग कर रहे थे.

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश

कर्मचारियों के साथ हाल में हुई बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों को OPD सुविधा से जुड़ा प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं. इसी प्रस्ताव के आधार पर आगे की प्रक्रिया शासन स्तर पर पूरी की जाएगी. OPD सुविधा शुरू करने के लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को प्रदेशभर में डायग्नोस्टिक सेंटर और मेडिकल स्टोर के साथ करार करना होगा. विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कर्मचारियों की मांग को देखते हुए प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई की जा सकती है.


गोल्डन कार्ड की खामियों को दूर करने की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा है कि गोल्डन कार्ड योजना में मौजूद दूसरी कमियों को भी दूर किया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इसी दिशा में IPD के साथ OPD सेवाओं को भी कैशलेस करने की तैयारी की जा रही है. अगर प्रस्ताव लागू होता है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को रोजमर्रा की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में भी योजना का फायदा मिल सकेगा.

करंट से मौत पर अब 10 लाख रुपये मुआवजा

इसी बीच उत्तराखंड ऊर्जा निगम ने करंट लगने से होने वाली मौत के मामलों में मुआवजा बढ़ाने का फैसला किया है. मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में मुआवजे की राशि चार लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया था. अभी तक करंट लगने से आम लोगों की मौत होने पर चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाता था. अब बोर्ड की मंजूरी के बाद इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है.