उत्तराखंड के युवा इनोवेटर और स्टार्टअप उद्यमी रवि टम्टा फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. इसी सिलसिले में उन्होंने बुधवार यानी 2 सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात की. इस दौरान रवि टम्टा ने अपने प्रोजेक्ट से जुड़ी तकनीकी जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की और अब तक हुए काम के साथ-साथ आगे की योजना के बारे में भी जानकारी दी.
मुख्यमंत्री धामी ने युवा इनोवेटर के प्रयासों की सराहना की और उनके स्टार्टअप को जरूरी सरकारी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने सचिव उद्योग को निर्देशित किया कि नियमों के तहत रवि टम्टा के स्टार्टअप को आवश्यक शासकीय सहायता और सहयोग मुहैया कराया जाए.
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान रवि टम्टा ने बताया कि वह फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने प्रोजेक्ट की तकनीकी प्रगति और आने वाले चरणों की जानकारी भी मुख्यमंत्री के सामने रखी. रवि टम्टा का यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड में तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में फ्लाइंग कार की तकनीकी क्षमता, डिजाइन, उड़ान की ऊंचाई, रेंज या इसके तैयार होने की संभावित समयसीमा के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रवि टम्टा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा और तकनीकी क्षमता की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के भीतर नए प्रयोग और इनोवेशन को आगे बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को नए विचारों और तकनीकी प्रयोगों को आगे ले जाने के लिए जरूरी सहयोग और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उनका कहना है कि युवा अगर नए क्षेत्रों में प्रयोग करते हैं तो इससे राज्य में नवाचार का माहौल मजबूत होगा.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में उत्तराखंड के युवा लगातार आगे बढ़ रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में युवा नए प्रयोग कर रहे हैं. फ्लाइंग कार जैसे प्रोजेक्ट को भी इसी बढ़ते तकनीकी प्रयोग के संदर्भ में देखा जा रहा है. ऐसे प्रोजेक्ट भविष्य में परिवहन और मोबिलिटी के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं.
मुख्यमंत्री ने रवि टम्टा के स्टार्टअप को नियमानुसार आवश्यक शासकीय सहयोग और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. इससे प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए संस्थागत सहयोग मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह के नवाचार केवल तकनीकी उपलब्धि तक सीमित नहीं रहते, बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा करने, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और राज्य की आर्थिक प्रगति में भी योगदान दे सकते हैं.