महिला पटवारी मरीज बनकर पहुंची, फर्जी अस्पताल की पोल खुली, SDM ने किया सील
जांच में सब कुछ सही पाए जाने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया. दिनेशपुर में इस अस्पताल के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं. आरोप था कि यहां बिना जरूरी लाइसेंस और मेडिकल मानकों के इलाज किया जा रहा था. मरीजों के साथ अनियमितताएं भी बताई जा रही थीं. जिलाधिकारी को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने गुप्त जांच के निर्देश दिए.
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में प्रशासन ने फर्जी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. दिनेशपुर क्षेत्र में एक निजी अस्पताल को बिना अनुमति चलाने का आरोप था. शिकायतों की जांच के लिए प्रशासन ने अनोखा तरीका अपनाया. एक महिला पटवारी को मरीज बनाकर अस्पताल भेजा गया.
जांच में सब कुछ सही पाए जाने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया. दिनेशपुर में इस अस्पताल के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं. आरोप था कि यहां बिना जरूरी लाइसेंस और मेडिकल मानकों के इलाज किया जा रहा था. मरीजों के साथ अनियमितताएं भी बताई जा रही थीं. जिलाधिकारी को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने गुप्त जांच के निर्देश दिए.
मरीज बनकर की जांच
महिला पटवारी मरीज के रूप में अस्पताल पहुंची. उन्होंने वहां मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों की व्यवस्था, दवाओं और इलाज की प्रक्रिया का जायजा लिया. अस्पताल की अंदरूनी गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई. जांच में शिकायतों की बातें सही पाई गईं. इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई का फैसला लिया.
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गदरपुर की उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और दिनेशपुर पुलिस की टीम ने अस्पताल पर छापा मारा. टीम ने अस्पताल संचालक से सभी जरूरी दस्तावेज और लाइसेंस मांगे, लेकिन वह कोई वैध कागजात नहीं दिखा सका. कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं. इसके बाद अस्पताल को तुरंत सील कर दिया गया.
अधिकारियों का बयान
उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह ने कहा- 'जनस्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बिना अनुमति के चल रहे अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.' जिला चिकित्सालय रुद्रपुर की चिकित्साधिकारी डॉ. मंजू माथुर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
हड़कंप की स्थिति
इस कार्रवाई के बाद जिले के अवैध अस्पतालों और क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. पूरे जिले में ऐसे फर्जी मेडिकल संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी है. यह कार्रवाई आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए की गई है.