बिहार बंद हिंसा के आंकड़े आए सामने, 355 गिरफ्तार; 91 पुलिसकर्मी घायल

बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा में 694 लोगों को हिरासत में लिया गया. सत्यापन के बाद 339 छात्रों और नाबालिगों को छोड़ा गया, जबकि 355 आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए जेल भेज दिया गया.

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Kanhaiya Kumar Jha

पटना: बिहार बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में हुई हिंसक घटनाओं पर बिहार पुलिस मुख्यालय ने विस्तृत जानकारी जारी की है. पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था प्रभावित हुई, जिसमें पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक भी घायल हुए. पूरे राज्य में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें सत्यापन के बाद कई छात्रों और नाबालिगों को रिहा कर दिया गया. वहीं हिंसा में संलिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन और बिहार बंद के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया. जांच और सत्यापन के बाद 339 नाबालिगों और छात्रों को छोड़ दिया गया. वहीं हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए गए 355 लोगों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया.

पुलिस और प्रशासन को भी हुआ नुकसान

हिंसा के दौरान 91 पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए. इनमें सीवान और सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक, दो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और कई थाना प्रभारी शामिल हैं. गांधी मैदान थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हुए. इसके अलावा 13 आम नागरिक भी घायल हुए. हिंसा में 14 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए और एक वाहन में आग लगा दी गई.


प्रशासनिक अधिकारियों पर भी हमला

सारण जिले में सदर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए. पुलिस के अनुसार उनकी एक आंख की रोशनी चली गई है और उनका इलाज जारी है. वहीं रिविलगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी पर भी जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उनके सिर में गंभीर चोट आई. दोनों अधिकारियों का इलाज विशेषज्ञ अस्पतालों में चल रहा है.

AK-47 फायरिंग पर पुलिस ने दोहराया पक्ष

पुलिस मुख्यालय ने सीवान में AK-47 फायरिंग मामले पर भी अपना पक्ष दोहराया. पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों से घिरने के बाद कांस्टेबल अभिषेक कुमार ने सरकारी संपत्ति और पुलिस बल की सुरक्षा के लिए चार राउंड हवाई फायरिंग की थी. बिना आदेश फायरिंग करने के कारण उसे निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

घायलों और जांच पर क्या बोली पुलिस

पुलिस के अनुसार गोली लगने से घायल तीन युवकों के बयान पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. उनका कहना है कि तीनों युवक फायरिंग स्थल से अलग स्थानों पर घायल हुए थे और सभी की हालत खतरे से बाहर है. सीवान के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में AK-47 की फायरिंग से किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है. पूरे मामले की संयुक्त जांच अब भी जारी है.