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चश्मा खरीदने को लेकर हुआ विवाद, कांवड़ियों के भेष में दो युवकों ने मचाया उत्पात, पुलिस ने खोल दी पोल

रविवार देर रात हरकी पैड़ी क्षेत्र में कांवड़ियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई. यह विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए कांवड़ियों ने एक चश्मे की दुकान को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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Edited By: Garima Singh
चश्मा खरीदने को लेकर हुआ विवाद, कांवड़ियों के भेष में दो युवकों ने मचाया उत्पात, पुलिस ने खोल दी पोल
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KANWADIS CREATED RUCKUS: कांवड़ यात्रा 2025 की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में कांवड़ियों के उत्पात की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं. छोटी-छोटी बातों पर कांवड़ियों का गुस्सा फूट पड़ रहा है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को कठोर कदम उठाने पड़ रहे हैं. ताजा मामला हरकी पैड़ी क्षेत्र से सामने आया है, जहां शिव विश्राम गृह के पास कुछ लोगों ने कावड़ियों के भेष में एक दुकान में जमकर तोड़फोड़ की. यह घटना रविवार देर रात की है, जब आपसी विवाद हिंसक रूप ले लिया. इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है.  

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात हरकी पैड़ी क्षेत्र में कांवड़ियों के भेष में दो असामाजिक तत्वों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई. यह विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए दोनों ने एक चश्मे की दुकान को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक उग्र भीड़ दुकान में तोड़फोड़ करती नजर आ रही है. हरकी पैड़ी चौकी इंचार्ज संजीत कंडारी ने बताया, “हमें रविवार देर रात दुकान में तोड़फोड़ की सूचना मिली थी. पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उत्पात मचाने वाले कांवड़ियों को हिरासत में लिया गया.” इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है.  

पहले भी सामने आए उत्पात के मामले

कांवड़ मेला, जो 11 जुलाई 2025 से शुरू हुआ, के शुरुआती चार दिनों में ही कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हाल ही में रुड़की में कांवड़ियों ने एक स्कॉर्पियो कार में तोड़फोड़ की थी. उनका आरोप था कि कार चालक ने उनकी कांवड़ को नुकसान पहुंचाया. इस मामले में पुलिस ने स्कॉर्पियो मालिक की शिकायत पर कई कांवड़ियों को हिरासत में लिया था. इसके अलावा, हरिद्वार में कुछ कांवड़ियों ने कांवड़ पटरी के बजाय हाईवे पर जाने की जिद की, जिसके चलते पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.  

प्रशासन की सख्ती और चुनौतियां

कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं, लेकिन कुछ कांवड़ियों की उग्र गतिविधियां स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौती बन रही हैं. पुलिस ने कांवड़ियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन हंगामे की स्थिति में सख्ती बरतना जरूरी हो गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.