धामी सरकार के 5 साल में क्या-क्या बदला? 12 हजार एकड़ जमीन कब्जामुक्त, भू-कानून से लेकर बड़े फैसले तक
धामी सरकार के पांच साल पूरे होने पर जानिए अतिक्रमण हटाने, नए भू-कानून, धर्मांतरण कानून, ऑपरेशन कालनेमि, शीतकालीन पर्यटन और राष्ट्रीय खेलों सहित सरकार के प्रमुख फैसलों और दावों की पूरी रिपोर्ट.
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे होने के साथ कई अहम फैसलों और उपलब्धियों को सामने रखा है. सरकार का कहना है कि इस दौरान सुशासन, कानून व्यवस्था, भूमि संरक्षण और पर्यटन विकास पर विशेष फोकस किया गया. सरकार के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने से लेकर नए भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, ऑपरेशन कालनेमि और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. इन फैसलों का उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान, सुरक्षा और विकास को मजबूत करना बताया गया है.
अतिक्रमण हटाने के अभियान में बड़े दावे
सरकार के अनुसार अप्रैल 2023 से अब तक 12 हजार एकड़ सरकारी और वन भूमि को कब्जामुक्त कराया गया. इसी दौरान 582 अवैध मजारें हटाई गईं, 258 अवैध मदरसों को बंद किया गया, नौ मस्जिदों को सरकारी भूमि से हटाया गया और 42 अन्य धार्मिक संरचनाओं पर भी कार्रवाई की गई. सरकार ने दोबारा अतिक्रमण होने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए हैं.
ऑपरेशन कालनेमि पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार ने आंतरिक सुरक्षा के तहत ऑपरेशन कालनेमि अभियान चलाने की जानकारी दी. सरकार के अनुसार इस अभियान के तहत पहचान छिपाकर सामाजिक और धार्मिक माहौल प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य की सामाजिक व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा.
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भू-कानून और धर्मांतरण कानून में बदलाव
सरकार ने बताया कि मई 2025 से लागू संशोधित भू-कानून के तहत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर को छोड़कर अन्य 11 जिलों में बाहरी व्यक्ति कृषि और बागवानी के लिए भूमि नहीं खरीद सकेंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय उपयोग के लिए 250 वर्गमीटर तक भूमि खरीदने का प्रावधान है. साथ ही धर्मांतरण कानून में संशोधन कर अधिकतम 10 लाख रुपये जुर्माना और आजीवन कारावास का प्रावधान जोड़ा गया.
पर्यटन और खेलों को नई दिशा
सरकार ने शीतकालीन चारधाम यात्रा और बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं. इसके साथ उत्तराखंड धर्मस्व एवं तीर्थाटन परिषद का गठन किया गया. वर्ष 2025 में 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी को भी सरकार ने बड़ी उपलब्धि बताया. पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की योजना भी शुरू की गई.
मंत्रिमंडल विस्तार भी रहा अहम फैसला
सरकार ने अपने कार्यकाल में लंबे समय से रिक्त मंत्रिमंडल के पदों को भरते हुए पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन किया. सरकार का कहना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी.