उत्तराखंड में हवाई सफर होगा और आसान! जल्द शुरू होंगी 5 नई हेली सेवाएं, इन शहरों को मिलेगा फायदा
उत्तराखंड में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए जल्द पांच नए हेली रूट शुरू किए जाएंगे. सहस्रधारा हेलीपोर्ट से टनकपुर, पौड़ी, श्रीनगर और जोशीमठ के अलावा पिथौरागढ़-नाभीढांग के बीच भी हेली सेवा शुरू करने की तैयारी है.
उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों की हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है. राज्य का नागरिक उड्डयन विभाग जल्द ही पांच नए हेली रूटों पर नियमित सेवाएं शुरू करने जा रहा है. इन नई सेवाओं से न केवल पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा. नए प्रस्तावित रूटों का सर्वे और चिह्नीकरण पूरा कर लिया गया है. अब हेलीकॉप्टर कंपनियों के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इसके बाद संचालन की तारीख तय की जाएगी.
इन पांच नए रूटों पर शुरू होंगी हेली सेवाएं
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) की योजना के अनुसार सहस्रधारा हेलीपोर्ट से चार नए गंतव्यों के लिए नियमित हेली सेवाएं शुरू की जाएंगी.
इनमें शामिल हैं—
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- टनकपुर
- पौड़ी
- श्रीनगर
- जोशीमठ
इसके अलावा सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए पिथौरागढ़ से नाभीढांग के बीच भी हेली सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है. यह रूट सामरिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
पहले से संचालित हो रही हैं कई सेवाएं
राज्य में हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए पहले से कई हेली सेवाएं संचालित की जा रही हैं. उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी स्कीम के तहत वर्तमान में आठ हेली सेवाएं एलायंस एयर और थंबी एविएशन के सहयोग से संचालित हो रही हैं. वहीं, क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) के तहत कुल 30 हेली सेवाएं चलाई जा रही हैं. इनमें 24 सेवाएं हेरीटेज एविएशन और 6 सेवाएं पवन हंस द्वारा संचालित की जा रही हैं.
हेली सेवाओं की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में 11,242 यात्रियों ने इन सेवाओं का लाभ उठाया है. सरकार का मानना है कि नए रूट शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी तथा राज्य के पर्यटन उद्योग को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा.
जल्द तय होगी संचालन की तारीख
प्रस्तावित सभी रूटों का सर्वे और चिह्नीकरण पूरा हो चुका है. इन मार्गों के संचालन के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त कर ली गई है. अब इच्छुक हेलीकॉप्टर कंपनियों से निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित की जा रही हैं. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित ऑपरेटरों के माध्यम से सेवाएं शुरू की जाएंगी.