कभी अमीरों के घर बेचते थे डिटर्जेंट, संजय दत्त-सनी देओल को सिखाई एक्टिंग; आज ‘बैडमैन’ के नाम से मशहूर हैं गुलशन ग्रोवर
गुलशन ग्रोवर आज बॉलीवुड के सबसे चर्चित विलेन में गिने जाते हैं. 21 सितंबर 1955 को जन्मे अभिनेता ने बचपन में रामलीला से एक्टिंग शुरू की थी. आर्थिक हालात के चलते वह स्कूल के साथ घर-घर जाकर डिटर्जेंट और फिनाइल की गोलियां बेचते थे.
बॉलीवुड में जब भी चर्चित विलेन की बात होती है, तो गुलशन ग्रोवर का नाम जरूर लिया जाता है. अपनी दमदार आवाज, खास अंदाज और निगेटिव किरदारों से उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई. यही वजह है कि उन्हें बॉलीवुड का ‘बैडमैन’ कहा जाने लगा. 21 सितंबर 1955 को नई दिल्ली में जन्मे गुलशन ग्रोवर आज 71 साल के हो गए हैं. करीब चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में वह 400 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं. लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था. कभी वह अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए घर-घर जाकर सामान बेचा करते थे.
बचपन से ही था एक्टिंग का शौक
गुलशन ग्रोवर को बचपन से ही अभिनय में दिलचस्पी थी. जब वह तीसरी और चौथी कक्षा में पढ़ते थे, तभी रामलीला में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था. धीरे-धीरे अभिनय का शौक बढ़ता गया और कॉलेज के दिनों में भी वह थिएटर से जुड़े रहे. उन्होंने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से पढ़ाई की और इसी दौरान लिटिल थिएटर ग्रुप का हिस्सा बने. थिएटर के अनुभव ने उन्हें एक्टिंग को करियर के तौर पर अपनाने के लिए प्रेरित किया.
स्कूल फीस भरने के लिए घर-घर बेचते थे सामान
गुलशन ग्रोवर का परिवार बड़ा था. वह सात भाई-बहनों में से एक थे. ऐसे में परिवार के लिए सभी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना आसान नहीं था. गुलशन ने पढ़ाई जारी रखने के साथ खुद भी कमाई शुरू कर दी थी. बताया जाता है कि वह स्कूल जाने से पहले खाली समय में अमीर परिवारों के घर जाते थे और डिटर्जेंट पाउडर तथा फिनाइल की गोलियां बेचते थे. इससे मिलने वाली कमाई का इस्तेमाल वह अपनी स्कूल फीस भरने के लिए करते थे. यही संघर्ष आगे चलकर उनके जीवन की बड़ी ताकत बना और उन्होंने एक्टिंग के अपने सपने को छोड़ने के बजाय उसे आगे बढ़ाया.
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संजय दत्त-सनी देओल को सिखाई एक्टिंग
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद गुलशन ग्रोवर मुंबई पहुंचे और रोशन तनेजा स्कूल ऑफ एक्टिंग में प्रशिक्षण लिया. एक्टिंग सीखने के बाद उन्होंने वहीं दूसरों को अभिनय सिखाने का काम भी शुरू कर दिया. इसी दौरान उन्होंने संजय दत्त और सनी देओल जैसे कलाकारों को एक्टिंग की बारीकियां सिखाईं. इसके अलावा टीना मुनीम और कुमार गौरव जैसे कलाकार भी उनसे प्रशिक्षण ले चुके हैं. बताया जाता है कि एक्टिंग सिखाने से उन्हें शुरुआती दौर में करीब 4 हजार रुपये की कमाई हुई थी.
‘राम लखन’ के बाद बने बॉलीवुड के ‘बैडमैन’
1989 में रिलीज हुई फिल्म ‘राम लखन’ गुलशन ग्रोवर के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में से एक रही. इसमें उन्होंने केसरिया विलायती का किरदार निभाया था. फिल्म में उनके ‘बैडमैन’ वाले अंदाज और डायलॉग ने दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की. इसके बाद ‘बैडमैन’ नाम उनकी पहचान का हिस्सा बन गया.
गुलशन ने अपने लंबे करियर में ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’, ‘सदमा’, ‘यस बॉस’, ‘लज्जा’, ‘राम जाने’, ‘सूर्यवंशी’ और ‘दिलवाले’ जैसी फिल्मों में काम किया. उन्होंने सिर्फ बॉलीवुड तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि कई इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में भी नजर आए.
दो शादियों के बाद भी रह गए अकेले
गुलशन ग्रोवर की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने दो शादियां कीं. उनकी पहली शादी 1998 में फिलोमिना ग्रोवर से हुई थी. दोनों का एक बेटा है, जिसका नाम संजय ग्रोवर है. हालांकि, शादी के कुछ साल बाद 2001 में दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद गुलशन ने 2002 में कशिश ग्रोवर से दूसरी शादी की. लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल सका और अगले ही साल दोनों अलग हो गए. दो असफल शादियों के बाद गुलशन ग्रोवर की निजी जिंदगी में अकेलापन जरूर आया, लेकिन उन्होंने अपने काम से कभी दूरी नहीं बनाई.