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उत्तराखंड में पहली बार आया व्हाइट टाइगर, 556KM की दूरी तय कर बाईरोड देहरादून पहुंचा तेजस

उत्तराखंड में पहली बार सफेद बाघ पहुंचा है. ग्वालियर से करीब 556 किलोमीटर का सफर तय कर तीन महीने का तेजस देहरादून जू पहुंचा. टाइगर एक्सचेंज के तहत भोला को ग्वालियर भेजा गया है.

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Ashutosh Rai

देहरादून जू में अब सफेद बाघ की मौजूदगी देखने को मिलेगी. ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क से तीन महीने के सफेद बाघ तेजस को सड़क के रास्ते देहरादून लाया गया. करीब 12 से 13 घंटे की यात्रा के बाद वह जू पहुंचा. पर्यटकों को फिलहाल उसे देखने के लिए इंतजार करना होगा.

12 घंटे के सफर के बाद देहरादून पहुंचा तेजस

ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क से तेजस ने करीब 556 किलोमीटर की दूरी सड़क के रास्ते पूरी की. उसे रेस्क्यू वाहन से देहरादून लाया गया और इस सफर में करीब 13 लोगों की टीम साथ रही. जू की रेंजर और इंचार्ज दीक्षा भट्ट के मुताबिक, यात्रा के दौरान तेजस को खाना नहीं दिया गया, सफर में भोजन से उसे परेशानी हो सकती थी. उसे शांत करने के लिए ट्रैंक्विलाइज भी नहीं किया गया. देहरादून पहुंचने के बाद तेजस को सीधे पर्यटकों के बीच नहीं रखा जाएगा. पहले पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसकी देखभाल होगी.

पहली बार उत्तराखंड में दिखेगा सफेद बाघ

तेजस के आने के साथ देहरादून जू में पहली बार सफेद बाघ मौजूद होगा. अभी यहां आने वाले लोग रॉयल बंगाल टाइगर समेत कई वन्यजीव देख सकते हैं लेकिन सफेद बाघ उनके लिए नया आकर्षण होगा. करीब तीन महीने का तेजस अभी काफी छोटा है. उसका सफेद शरीर और काली धारियां उसे दूसरे बाघों से अलग रूप देती हैं. जू प्रशासन ने उसके लिए बाड़ा भी तैयार कर दिया है. हालांकि, वाइल्डलाइफ वीक के दौरान इसका उद्घाटन होगा या नहीं, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है.


टाइगर एक्सचेंज के तहत हुई बाघों की अदला-बदली

तेजस को देहरादून लाने की प्रक्रिया दोनों जूलॉजिकल पार्क के बीच हुए टाइगर एक्सचेंज कार्यक्रम का हिस्सा है. इस एक्सचेंज के तहत देहरादून जू के नर बाघ भोला को ग्वालियर भेजा गया है. इसके बदले ग्वालियर से तेजस को देहरादून लाया गया. जू प्रशासन के अनुसार, ऐसे एक्सचेंज से वन्यजीवों की आनुवंशिक विविधता और उनके बेहतर प्रबंधन में मदद मिलती है. इस पूरी प्रक्रिया के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण यानी CZA की मंजूरी भी ली गई है. आम लोगों को तेजस को देखने की अनुमति करीब एक महीने बाद मिलने की उम्मीद है.