देहरादून की बेटी उन्नति शर्मा का कमाल, राष्ट्रमंडल में जीता कांस्य, अब आंखें गोल्ड पर

सेमीफाइनल में हार के बाद उन्नति शर्मा एक पल के लिए निराश हुईं, लेकिन उन्होंने हार से सबक लिया. अपनी गलतियों का जायजा लिया, रणनीति बदली और कांस्य पदक के मुकाबले में पूरी ताकत के साथ उतरीं. उन्होंने कहा- 'मैंने खुद से वादा किया था कि खाली हाथ नहीं लौटूंगी. कांस्य जीतकर खुशी हुई, लेकिन अब सिर्फ स्वर्ण ही लक्ष्य है.'

X
Antima Pal

देहरादून: देहरादून की बेटी उन्नति शर्मा ने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतकर सबको गौरवान्वित किया है. स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित इस प्रतियोगिता में 23 वर्षीय जूडो खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया. अब उनका पूरा ध्यान स्वर्ण पदक पर टिका हुआ है.

देहरादून की बेटी उन्नति शर्मा का कमाल

उन्नति कहती हैं कि कांस्य पदक उनके सफर की शुरुआत है, मंजिल नहीं. उनका सपना अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और उत्तराखंड का झंडा ऊंचा करना है. वर्ष 2022 से ही उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी शुरू कर दी थी. रोजाना छह घंटे कड़ी मेहनत, नियमित दिनचर्या और तकनीकी सुधार ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया. सुबह तीन घंटे और शाम तीन घंटे वह अपने कोच जीवन शर्मा के साथ अभ्यास करती थीं.

राष्ट्रमंडल में जीता कांस्य

सेमीफाइनल में हार के बाद उन्नति एक पल के लिए निराश हुईं, लेकिन उन्होंने हार से सबक लिया. अपनी गलतियों का जायजा लिया, रणनीति बदली और कांस्य पदक के मुकाबले में पूरी ताकत के साथ उतरीं. उन्होंने कहा- 'मैंने खुद से वादा किया था कि खाली हाथ नहीं लौटूंगी. कांस्य जीतकर खुशी हुई, लेकिन अब सिर्फ स्वर्ण ही लक्ष्य है.'


उन्नति जूडो को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मरक्षा का मजबूत माध्यम मानती हैं. उनके अनुसार यह लड़कियों के लिए सबसे सुरक्षित खेलों में से एक है. हर बेटी को इससे जुड़ना चाहिए. राष्ट्रमंडल खेलों से लौटने के बाद उन्नति कुछ दिन परिवार के साथ देहरादून में बिताएंगी. इसके बाद एशियाई चैंपियनशिप की तैयारी में जुट जाएंगी. उनका मानना है कि हर अगली प्रतियोगिता उन्हें स्वर्ण पदक के और करीब ले जाएगी. देहरादून और पूरे उत्तराखंड में उन्नति के इस प्रदर्शन से खुशी की लहर है. युवा खिलाड़ी उनकी मेहनत और जज्बे से प्रेरणा ले रहे हैं.