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स्कूटी से फर्राटे भर रहा था नाबालिग, पुलिस ने रोका तो एक और कांड का हुआ भंडाफोड़

देहरादून में ट्रैफिक पुलिस ने खतरनाक तरीके से स्कूटी चला रहे 12 वर्षीय बालक को रोका. पूछताछ में स्कूटी चोरी की निकली. पुलिस की सतर्कता से कुछ ही घंटों में चोरी की वारदात का खुलासा हो गया.

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Edited By: Babli Rautela
स्कूटी से फर्राटे भर रहा था नाबालिग, पुलिस ने रोका तो एक और कांड का हुआ भंडाफोड़
Courtesy: AI

देहरादून में यातायात पुलिस की मुस्तैदी ने एक स्कूटी चोरी की घटना का खुलासा कर दिया. शहर के व्यस्त दून चौक क्षेत्र में नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक 12 वर्षीय बालक को तेज रफ्तार और लापरवाही से स्कूटी चलाते हुए पकड़ा. जब उससे वाहन के बारे में जानकारी मांगी गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. इसके बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया.

खतरनाक तरीके से स्कूटी चला रहा था नाबालिग

शनिवार को दून चौक और बुद्धा चौक क्षेत्र में सीपीयू कर्मी नियमित यातायात जांच अभियान चला रहे थे. इसी दौरान उनकी नजर एक नाबालिग बालक पर पड़ी, जो सड़क पर तेज गति से स्कूटी चला रहा था. उसकी ड्राइविंग शैली को देखते हुए पुलिस ने तुरंत उसे रोक लिया. पुलिस कर्मियों ने बालक से स्कूटी के कागजात और वाहन संबंधी जानकारी मांगी. लेकिन वह वाहन के मालिक और दस्तावेजों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया. इसके बाद पुलिस को संदेह हुआ और उन्होंने वाहन की जांच शुरू कर दी.

नंबर जांचते ही सामने आई चोरी की कहानी

स्कूटी के पंजीकरण नंबर के आधार पर पुलिस ने वाहन मालिक से संपर्क किया. जांच में पता चला कि स्कूटी मन्नूगंज पलटन बाजार निवासी हरिओम की थी. उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी स्कूटी शनिवार सुबह निरंजनपुर मंडी क्षेत्र से चोरी हो गई थी और वह इसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने जा रहे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीपीयू कर्मियों ने तत्काल यातायात कंट्रोल रूम को सूचना दी. इसके बाद नाबालिग बालक और बरामद स्कूटी को चौकी धारा और कोतवाली नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया.

जुवेनाइल कोर्ट में किया गया पेश

पुलिस ने बालक से पूछताछ की और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे जुवेनाइल कोर्ट में प्रस्तुत किया. मामले की आगे की जांच की जा रही है कि स्कूटी चोरी में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं. यह घटना एक बार फिर नाबालिगों के वाहन चलाने की समस्या को सामने लाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को कम उम्र में वाहन चलाने की अनुमति देना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उनकी और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है. देहरादून पुलिस की सतर्कता के चलते चोरी की स्कूटी कुछ ही घंटों में बरामद हो गई और एक संभावित बड़े अपराध का खुलासा भी हो गया.