देहरादून MBBS फर्जीवाड़े में SIT का बड़ा एक्शन, स्वतंत्रता सेनानी के बेटे का बयान दर्ज

देहरादून में स्वतंत्रता सेनानी आश्रित के फर्जी प्रमाणपत्र से MBBS दाखिले के मामले में SIT ने जांच तेज कर दी है. टीम ने स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा के बेटे मनोज कुमार के बयान दर्ज किए हैं.

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Km Jaya

देहरादून में स्वतंत्रता सेनानी आश्रित के फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए MBBS में दाखिला लेने के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने जांच तेज कर दी है. शनिवार को SIT ने स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा के बेटे मनोज कुमार के बयान दर्ज किए. जांच में फर्जी पते और आधार कार्ड के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है.

देहरादून में स्वतंत्रता सेनानी आश्रित के फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए MBBS में दाखिला लेने के मामले की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है. शनिवार को SIT की टीम ने स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा के बेटे मनोज कुमार के बयान दर्ज किए. पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में नामजद आरोपितों ने खुद को धर्मवीर वर्मा की पोती और नातिन बताकर स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे का लाभ लिया.

बेटे ने क्या कहा?

SIT के सामने बयान देते हुए मनोज कुमार ने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करते हैं और उन्होंने आज तक अपने पिता के स्वतंत्रता सेनानी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल नहीं किया. इसके बाद जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों ने धर्मवीर वर्मा के नाम से फर्जी प्रमाणपत्र कैसे तैयार कराए और इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किस स्तर पर किया गया.


मामले में रायपुर और क्लेमेनटाउन थाने में मुकदमे दर्ज हैं. दोनों मामलों में नामजद आरोपितों में तृप्ति, उसकी मां उमा रानी, कुमारी खुशी, परी और स्वाति शामिल हैं. SIT अब इन सभी की तलाश कर रही है.

गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं कई राज

पुलिस के अनुसार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराने और उनके इस्तेमाल से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं. जांच में यह भी आशंका सामने आई है कि ऐसे फर्जी प्रमाणपत्रों की संख्या दो से अधिक हो सकती है. SIT यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी प्रमाणपत्र कहां-कहां इस्तेमाल किए गए. यदि जांच में किसी संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो उसके नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी.

दोनों पटवारियों के बयान भी दर्ज

इस मामले में क्लेमेनटाउन और रायपुर थाने में शिकायत करने वाले दोनों पटवारियों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं. पुलिस इन बयानों और अब तक जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है.

फर्जी पते और आधार कार्ड का इस्तेमाल

SIT की जांच में यह बात सामने आई है कि MBBS दाखिले के लिए तैयार किए गए कथित फर्जी प्रमाणपत्रों में फर्जी पते दर्ज किए गए थे. पुलिस जब आरोपितों के बताए पते पर पहुंची तो कथित तौर पर वहां उनके रहने की पुष्टि नहीं हुई. जांच में आधार कार्ड से जुड़ी भी कथित अनियमितता सामने आई है. ऐसे में पुलिस अब दस्तावेजों की प्रमाणिकता और उनके तैयार होने की प्रक्रिया की जांच कर रही है.

ADM कार्यालय में दस्तावेज खंगाले

SIT ने शनिवार को ADM कार्यालय पहुंचकर मामले से जुड़ी पत्रावलियों की भी जांच की. जानकारी के अनुसार, टीम ने कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं. इनकी बारीकी से जांच की जाएगी. SIT आने वाले दिनों में अन्य संबंधित सरकारी कार्यालयों में भी जाकर रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर सकती है. फिलहाल जांच का एक अहम हिस्सा फरार बताए जा रहे पांचों नामजद आरोपितों की तलाश और उनसे पूछताछ पर केंद्रित है.