देहरादून में कांग्रेस का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर चढ़े नेता; ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनावों की जांच की मांग
देहरादून में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया. नेताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारे लगाए और पुतला फूंका.
उत्तराखंड के देहरादून में शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया. नेता सचिवालय का घेराव करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और धरने पर बैठ गए. बाद में SDM को ज्ञापन सौंपा गया.
बैरिकेडिंग पर चढ़े कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर सचिवालय की ओर मार्च किया. पुलिस ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था करते हुए सचिवालय से करीब 50 मीटर पहले बैरिकेडिंग लगाई थी. नेताओं को आगे बढ़ने से रोकने पर कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारे लगाने लगे. प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया गया. कुछ कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर धरना देने लगे और वहां डमरू बजाते हुए भी नजर आए. प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग दोहराई.
SIR को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में गड़बड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए. पार्टी ने मांग की है कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और उनके कार्यकाल में हुए चुनावों की जांच कराई जाए. इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों में आयोग के फैसलों को लेकर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं. इनका संबंध मतदाता सूची, नए मतदाताओं के फॉर्म-6, वोटर डेटा और SIR जैसे मुद्दों से बताया गया है.
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चुनाव आयोग ने कहा- अलग राय प्रक्रिया का हिस्सा
चुनाव आयोग ने आंतरिक टकराव की बात से इनकार किया है. आयोग के अनुसार चर्चा के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और SIR समेत अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए. देहरादून का प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब कांग्रेस ने देश के कई हिस्सों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किए. इससे पहले 24 सितंबर को राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी.