12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बनबसा में गूंजा CM धामी का संदेश, बोले- 'स्वस्थ युवा ही लिखेंगे देश का भविष्य'
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा में सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लिया. उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि मन और विचारों को संतुलित रखने का प्रभावी उपाय है.
उत्तराखंड में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य आयोजन बनबसा मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम में उत्साह और ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया और योग के महत्व पर विस्तार से अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन और चित्त को भी संतुलित बनाता है, जिससे जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर परिणाम मिलते हैं.
मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाएं. उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है और जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करता है. उनके अनुसार स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर ही सफल जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं.
योग से मिली नई ऊर्जा, साधकों का जताया आभार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सामूहिक योग करने से उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है. उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में हरिद्वार, जागेश्वर धाम, ऋषिकेश, आदि कैलाश और गैरसैंण जैसे स्थानों पर योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें देश-विदेश के प्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया. उन्होंने योग प्रशिक्षकों और साधकों का विशेष धन्यवाद दिया, जिनके प्रयासों से योग का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है.
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मन और विचारों को दिशा देने का माध्यम है योग
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी मार्ग है. उन्होंने कहा कि आज की बदलती जीवनशैली में योग और प्राणायाम का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है. योग व्यक्ति के चंचल मन को नियंत्रित करने में मदद करता है और जब मन नियंत्रित होता है तो विचार भी सकारात्मक और रचनात्मक बनते हैं. यही कारण है कि योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार माना जाता है.
दुनिया को जोड़ने वाला बना भारत का योग
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि योग ने सीमाओं, वर्गों और विभिन्न सामाजिक विभाजनों से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ने का कार्य किया है. उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में वैश्विक मान्यता मिली और आज दुनिया के अनेक देशों में योग अपनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि योग भारत की उस संस्कृति का प्रतीक है, जो पूरे विश्व को एक परिवार मानती है.
स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि योग वेलनेस सेंटर स्थापित करने के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है. धामी ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और जब युवा शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होंगे, तभी राष्ट्र प्रगति के नए आयाम स्थापित कर सकेगा. उन्होंने सभी से योग अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया.