खटीमा: उत्तराखंड के खटीमा स्थित एकलव्य माडर्न आवासीय विद्यालय में खराब भोजन, दूषित पेयजल और गंदगी को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों का आक्रोश सामने आया. विद्यालय की व्यवस्थाओं से नाराज छात्र और उनके अभिभावक परिसर में धरने पर बैठ गए. मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की और विद्यालय की प्रधानाचार्य भारती यादव को पद से हटा दिया.
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में विद्यार्थियों को खराब गुणवत्ता का भोजन परोसे जाने की शिकायत सामने आई थी. इसके अलावा पेयजल की गुणवत्ता और शौचालयों में गंदगी को लेकर भी छात्रों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई. विद्यार्थियों का आरोप था कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं और साफ सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है.
समस्याओं से परेशान विद्यार्थियों और अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इसकी जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंची. मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद प्रधानाचार्य भारती यादव को हटा दिया गया.
प्रधानाचार्य को हटाए जाने और विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन मिलने के बाद विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया. इस दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समर्थन में नारे भी लगाए. अधिकारियों की ओर से विद्यालय में भोजन, पेयजल, साफ सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने का भरोसा दिया गया.
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि धरने में शामिल विद्यार्थी नई पीढ़ी के प्रतिनिधि माने जा रहे हैं. वर्ष 2010 से 2024 के बीच जन्म लेने वाले बच्चों को आमतौर पर जेन-अल्फा कहा जाता है. यह वह पीढ़ी है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्टफोन और स्मार्ट तकनीक के दौर में बड़ी हो रही है.
खटीमा के इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भोजन, पेयजल और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं किस स्तर की मिल रही हैं. छात्रों की शिकायत के बाद हुई तत्काल कार्रवाई से अब उम्मीद है कि विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.