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'उत्तराखंड में इस शिव मंदिर के दर्शन अवश्य करें', अल्मोड़ा का प्राचीन धाम; CM धामी ने बताया क्यों है ये खास

कपिलेश्वर शिव मंदिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित प्राचीन शिवधाम है. कत्यूरी काल से जुड़ा यह मंदिर स्थापत्य और आध्यात्मिक शांति के लिए प्रसिद्ध है. सावन में यहां पूजा भी होती है.

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Edited By: Reepu Kumari
'उत्तराखंड में इस शिव मंदिर के दर्शन अवश्य करें', अल्मोड़ा का प्राचीन धाम; CM धामी ने बताया क्यों है ये खास
Courtesy: @pushkardhami

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संदेश के जरिए अल्मोड़ा के कपिलेश्वर शिव मंदिर की खूबसूरती और धार्मिक महत्व बताया है. अल्मोड़ा शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास स्थित यह शिव मंदिर कत्यूरी शासनकाल से जुड़ा माना जाता है. मंदिर की स्थापत्य शैली और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं. सावन में यहां पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों से माहौल भक्तिमय हो जाता है. अल्मोड़ा आने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन कर सकते हैं.

कत्यूरी काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास

कपिलेश्वर शिव मंदिर को उत्तराखंड के पुराने धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. इसकी पहचान केवल एक पूजा स्थल के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के रूप में भी है. मंदिर की बनावट में पहाड़ी क्षेत्र की पारंपरिक स्थापत्य शैली की झलक दिखाई देती है. शांत प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित होने के कारण यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है.

सावन में बढ़ जाती है मंदिर की रौनक

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान कपिलेश्वर शिव मंदिर में भी पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है.

सावन में श्रद्धालु यहां इन धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं;

  • भगवान शिव की पूजा-अर्चना
  • धार्मिक अनुष्ठान
  • शिव आराधना
  • मंदिर में दर्शन

आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव

सावन के दौरान मंदिर का वातावरण और अधिक भक्तिमय हो जाता है. बड़ी संख्या में शिवभक्त ऐसे प्राचीन शिवधामों में पहुंचकर भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं.

अल्मोड़ा से करीब 12 किलोमीटर की दूरी

यह शिवधाम अल्मोड़ा शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास स्थित है. शहर से मंदिर तक पहुंचने के दौरान पहाड़ी क्षेत्र का प्राकृतिक वातावरण भी यात्रियों को आकर्षित करता है. अल्मोड़ा घूमने आने वाले लोगों के लिए यह स्थान धार्मिक यात्रा के साथ स्थानीय संस्कृति को करीब से समझने का अवसर भी देता है. यही वजह है कि कपिलेश्वर मंदिर को क्षेत्र के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में माना जाता है.

मुख्यमंत्री ने भी बताया मंदिर का महत्व

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आधिकारिक संदेश में कपिलेश्वर शिव मंदिर का उल्लेख करते हुए लोगों को इस धार्मिक स्थल के बारे में बताया. उन्होंने अल्मोड़ा आने वाले लोगों से इस शिवधाम के दर्शन करने की अपील की. मुख्यमंत्री की ओर से मंदिर की जानकारी साझा किए जाने के बाद यह प्राचीन धार्मिक स्थल एक बार फिर चर्चा में आया है. इससे उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

क्यों जाएं कपिलेश्वर शिव मंदिर?

अगर आप अल्मोड़ा की यात्रा पर जा रहे हैं तो कपिलेश्वर शिव मंदिर को अपने धार्मिक भ्रमण में शामिल कर सकते हैं. यहां आपको भगवान शिव के दर्शन के साथ पहाड़ी वातावरण की शांति भी मिलेगी.

मंदिर की खास बातें;

  • अल्मोड़ा शहर से करीब 12 किलोमीटर दूरी.
  • सिमल्टी गांव के पास स्थित.
  • कत्यूरी शासनकाल से जुड़ा प्राचीन मंदिर.
  • पारंपरिक स्थापत्य शैली की पहचान.
  • सावन में विशेष धार्मिक माहौल.
  • प्राकृतिक और शांत वातावरण.

उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन का खास केंद्र

उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है और यहां कई प्राचीन मंदिर पहाड़ों की धार्मिक परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए हैं. कपिलेश्वर शिव मंदिर भी इसी विरासत का हिस्सा है. अल्मोड़ा आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस मंदिर के दर्शन करके यहां की धार्मिक परंपरा, वास्तुकला और प्राकृतिक वातावरण को करीब से महसूस कर सकते हैं. सावन में शिवभक्तों के लिए इस स्थान का महत्व और बढ़ जाता है.