अल्मोड़ा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संदेश के जरिए अल्मोड़ा के कपिलेश्वर शिव मंदिर की खूबसूरती और धार्मिक महत्व बताया है. अल्मोड़ा शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास स्थित यह शिव मंदिर कत्यूरी शासनकाल से जुड़ा माना जाता है. मंदिर की स्थापत्य शैली और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं. सावन में यहां पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों से माहौल भक्तिमय हो जाता है. अल्मोड़ा आने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन कर सकते हैं.
कपिलेश्वर शिव मंदिर को उत्तराखंड के पुराने धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. इसकी पहचान केवल एक पूजा स्थल के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के रूप में भी है. मंदिर की बनावट में पहाड़ी क्षेत्र की पारंपरिक स्थापत्य शैली की झलक दिखाई देती है. शांत प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित होने के कारण यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है.
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान कपिलेश्वर शिव मंदिर में भी पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है.
सावन में श्रद्धालु यहां इन धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं;
सावन के दौरान मंदिर का वातावरण और अधिक भक्तिमय हो जाता है. बड़ी संख्या में शिवभक्त ऐसे प्राचीन शिवधामों में पहुंचकर भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं.
यह शिवधाम अल्मोड़ा शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास स्थित है. शहर से मंदिर तक पहुंचने के दौरान पहाड़ी क्षेत्र का प्राकृतिक वातावरण भी यात्रियों को आकर्षित करता है. अल्मोड़ा घूमने आने वाले लोगों के लिए यह स्थान धार्मिक यात्रा के साथ स्थानीय संस्कृति को करीब से समझने का अवसर भी देता है. यही वजह है कि कपिलेश्वर मंदिर को क्षेत्र के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में माना जाता है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आधिकारिक संदेश में कपिलेश्वर शिव मंदिर का उल्लेख करते हुए लोगों को इस धार्मिक स्थल के बारे में बताया. उन्होंने अल्मोड़ा आने वाले लोगों से इस शिवधाम के दर्शन करने की अपील की. मुख्यमंत्री की ओर से मंदिर की जानकारी साझा किए जाने के बाद यह प्राचीन धार्मिक स्थल एक बार फिर चर्चा में आया है. इससे उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
अल्मोड़ा शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास स्थित कपिलेश्वर शिव मंदिर उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है। कत्यूरी शासनकाल में निर्मित यह मंदिर अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला और आध्यात्मिक आभा के लिए विशेष पहचान रखता है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 13, 2026
पवित्र सावन मास में यहां विशेष… pic.twitter.com/pp0O2Ndmeb
अगर आप अल्मोड़ा की यात्रा पर जा रहे हैं तो कपिलेश्वर शिव मंदिर को अपने धार्मिक भ्रमण में शामिल कर सकते हैं. यहां आपको भगवान शिव के दर्शन के साथ पहाड़ी वातावरण की शांति भी मिलेगी.
उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है और यहां कई प्राचीन मंदिर पहाड़ों की धार्मिक परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए हैं. कपिलेश्वर शिव मंदिर भी इसी विरासत का हिस्सा है. अल्मोड़ा आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस मंदिर के दर्शन करके यहां की धार्मिक परंपरा, वास्तुकला और प्राकृतिक वातावरण को करीब से महसूस कर सकते हैं. सावन में शिवभक्तों के लिए इस स्थान का महत्व और बढ़ जाता है.