देवभूमि का यह प्राचीन शिव मंदिर आखिर क्यों है इतना खास? CM धामी ने खुद बताया इस प्राचीन धाम का महत्व
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रावण मास के अवसर पर श्रद्धालुओं से देहरादून जिले के लाखामंडल स्थित प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन करने की अपील की है.
सावन मास में उत्तराखंड के प्रमुख शिव धामों में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है. इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर देहरादून जिले के लाखामंडल स्थित प्राचीन शिव मंदिर का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को यहां दर्शन करने का आग्रह किया है. उन्होंने मंदिर की धार्मिक आस्था, प्राकृतिक वातावरण और ऐतिहासिक महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया. मुख्यमंत्री के अनुसार लाखामंडल का यह प्राचीन शिव मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. ऊंचे पहाड़ों और मनमोहक प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह मंदिर अपनी विशिष्ट वास्तुकला के लिए भी प्रसिद्ध है. श्रावण मास के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं.
CM धामी ने श्रद्धालुओं से की अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि श्रावण मास के पावन अवसर पर देवभूमि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं को लाखामंडल स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन अवश्य करने चाहिए. उन्होंने कहा कि यह मंदिर श्रद्धा और आध्यात्मिक विश्वास का प्रमुख केंद्र माना जाता है.
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प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित है शिव धाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाखामंडल मंदिर ऊंचे पहाड़ों और मनोहारी प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित है. शांत परिवेश और धार्मिक वातावरण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है. यही कारण है कि यह स्थल धार्मिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक आकर्षण का भी महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है.
वास्तुकला देती है अलग पहचान
मुख्यमंत्री ने मंदिर की अद्वितीय वास्तुकला का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी स्थापत्य शैली के कारण विशेष पहचान रखता है. इसकी संरचना और ऐतिहासिक स्वरूप इसे उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल करते हैं.
शिवलिंगों से जुड़ी है प्राचीन मान्यता
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मान्यता है कि प्राचीन काल में इस पवित्र भूमि पर अनेक शिवलिंगों की स्थापना की गई थी. इसी धार्मिक विश्वास के कारण लाखामंडल का महत्व शिवभक्तों के बीच विशेष रूप से बना हुआ है और श्रावण मास में यहां श्रद्धालुओं की आस्था और अधिक बढ़ जाती है.
श्रावण में दर्शन का विशेष महत्व
सावन मास भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि देवभूमि उत्तराखंड आने पर लाखामंडल स्थित इस पावन शिव मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करें.