मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत को दी 123.79 करोड़ की सौगात, जिला अस्पताल में एमआरआई और जिम कॉर्बेट ट्रेल की बड़ी शुरुआत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में 123.79 करोड़ रुपये की 17 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.

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Ashutosh Rai

चंपावत को विकास की नई सौगात देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की. करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली इन योजनाओं का उद्देश्य पर्यटन, स्वास्थ्य, यातायात और सीमांत क्षेत्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाना है. सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं दोनों को लाभ मिलेगा.

17 विकास परियोजनाओं से बदलेगी चंपावत की तस्वीर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में कुल 123.79 करोड़ रुपये की लागत वाली 17 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान सिटी सेंटर निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया गया और जिम कॉर्बेट ट्रेल की शुरुआत की गई. इसके अलावा जिला अस्पताल में नई एमआरआई मशीन का शुभारंभ भी किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का मकसद केवल नए भवन बनाना नहीं है, बल्कि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन परियोजनाओं से चंपावत के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और क्षेत्र में रोजगार तथा पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.

तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि चंपावत रोडवेज स्टेशन पर 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक मल्टी-लेवल पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा. इसके साथ ही टूरिस्ट लॉज, पूर्णागिरि धाम और रीठा साहिब में नई पार्किंग सुविधाएं तैयार की गई हैं. उनका कहना है कि इन कार्यों से हर साल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी. बेहतर पार्किंग और यातायात व्यवस्था से भीड़ कम होगी और स्थानीय व्यापार को भी फायदा मिलेगा. सरकार का दावा है कि धार्मिक पर्यटन को मजबूत बनाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है.


स्वास्थ्य और सीमांत विकास पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर लगातार काम कर रही है. इसी दिशा में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाला क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया गया है. इसके साथ ही डायलिसिस और एमआरआई जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. सड़क, स्वास्थ्य, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के जरिए हर गांव तक विकास पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित चंपावत, समृद्ध उत्तराखंड और आत्मनिर्भर सीमांत क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता हैं.