CM धामी ने बताया चंपावत के ऋषेश्वर महादेव मंदिर का महत्व, बोले- 'यहां पूजा से मिलती है आध्यात्मिक ऊर्जा...'
मुख्यमंत्री धामी ने अपने ट्वीट में लिखा- 'चंपावत जनपद में लोहावती नदी के पावन तट पर स्थित ऋषेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव की आराधना का एक प्राचीन एवं आस्था से जुड़ा केंद्र है. सावन मास में यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना से मन को असीम शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है.'
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को एक ट्वीट के माध्यम से चंपावत जनपद स्थित ऋषेश्वर महादेव मंदिर की महत्ता को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि लोहावती नदी के पावन तट पर स्थित यह मंदिर भगवान शिव की आराधना का एक प्राचीन और आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है.
CM धामी ने बताया चंपावत के ऋषेश्वर महादेव मंदिर का महत्व
मुख्यमंत्री धामी ने अपने ट्वीट में लिखा- 'चंपावत जनपद में लोहावती नदी के पावन तट पर स्थित ऋषेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव की आराधना का एक प्राचीन एवं आस्था से जुड़ा केंद्र है. सावन मास में यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना से मन को असीम शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है. चंपावत आगमन पर आप भी इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें.'
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यह मंदिर चंपावत जिले में लोहावती नदी के किनारे बसा है. स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच यह भगवान शिव की भक्ति का प्रमुख स्थल माना जाता है. खासकर सावन के महीने में यहां भक्तों की संख्या बढ़ जाती है. इस दौरान मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना, अभिषेक और भजन-कीर्तन का विशेष माहौल रहता है. भक्तों का मानना है कि यहां आकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने से मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है.
मुख्यमंत्री धामी ने चंपावत आने वाले लोगों से इस मंदिर के दर्शन करने की अपील की है. उनका यह संदेश पर्यटन और धार्मिक आस्था दोनों को बढ़ावा देने वाला है. उत्तराखंड में कई प्राचीन मंदिर हैं जो न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं बल्कि स्थानीय संस्कृति और इतिहास से भी जुड़े हुए हैं. ऋषेश्वर महादेव मंदिर भी इन्हीं में से एक है.
सावन मास हिंदू धर्म में भगवान शिव की विशेष पूजा का समय माना जाता है. इस महीने में पूरे देश से श्रद्धालु कांवड़ यात्रा और मंदिर दर्शन के लिए निकलते हैं. चंपावत जैसे पहाड़ी क्षेत्र में स्थित यह मंदिर प्रकृति की गोद में होने के कारण और भी आकर्षक लगता है. नदी के किनारे स्थित होने से यहां का वातावरण शुद्ध और शांत रहता है.