चमोली पुलिस की बड़ी कामयाबी! गोविंदघाट और पांडुकेश्वर चोरी कांड का खुलासा; 6 आरोपी गिरफ्तार

चमोली पुलिस ने गोविंदघाट गुरुद्वारा और पांडुकेश्वर में हुई दो चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो चोरी की बाइक, पांच मोबाइल फोन और दो पावर बैंक बरामद किए हैं.

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Babli Rautela

उत्तराखंड के चमोली जिले में पुलिस ने दो बड़ी चोरी की वारदातों का सफल खुलासा करते हुए छह आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है. यह कार्रवाई गोविंदघाट गुरुद्वारा और पांडुकेश्वर क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं के संबंध में की गई. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो चोरी की मोटरसाइकिलें, पांच मोबाइल फोन और दो पावर बैंक बरामद किए हैं. पकड़े गए छह आरोपियों में पांच विधि-विरुद्ध किशोर हैं, जिन्हें किशोर न्याय अधिनियम के तहत संरक्षण में लिया गया है. वहीं एक वयस्क आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है.

दो अलग-अलग शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई को उत्तर प्रदेश के शामली निवासी अंकित मलिक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पांडुकेश्वर स्थित वासुदेवा होटल के सामने खड़ी उनकी मोटरसाइकिल चोरी हो गई. इसी दिन कर्नाटक निवासी श्रीनाथ के.आर. ने भी गोविंदघाट गुरुद्वारे में विश्राम के दौरान अपना वीवो मोबाइल फोन चोरी होने की सूचना पुलिस को दी. दोनों मामलों में गोविंदघाट कोतवाली में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की गई.

CCTV और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई. जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और सघन चेकिंग अभियान की मदद से हनुमानचट्टी क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ लिया.


पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पांडुकेश्वर से उत्तर प्रदेश नंबर की एक मोटरसाइकिल और टिहरी गढ़वाल के मलेथा क्षेत्र से दूसरी मोटरसाइकिल चोरी की थी. इसके अलावा आरोपियों ने 22 जुलाई की रात गोविंदघाट गुरुद्वारे से पांच मोबाइल फोन और दो पावर बैंक चोरी करने की बात भी कबूल की. पुलिस ने बताया कि पकड़े गए छह आरोपियों में पांच विधि-विरुद्ध किशोर हैं, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है. वहीं दिल्ली निवासी 20 वर्षीय आसू पुत्र जितेंद्र, जो वर्तमान में अमृतसर के गोल्डन टेंपल में कार्यरत बताया गया है, को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया.