BRO से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई का बड़ा एक्शन, उत्तराखंड के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी

सीमा सड़क संगठन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने उत्तराखंड के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान कार्यालयों, आवासों और कैंप कार्यालयों की तलाशी लेकर महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई.

ANI
Shanu Sharma

सीमा सड़क संगठन के कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार तड़के उत्तराखंड में बड़े स्तर पर कार्रवाई की. एक साथ पांच जिलों में हुई इस छापेमारी से संबंधित विभागों, अधिकारियों और ठेकेदारों में हलचल मच गई. 

सीबीआई की टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की और कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए. सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने मुनस्यारी, पिथौरागढ़, नैनीताल, हरिद्वार और देहरादून में एक साथ कार्रवाई की. जांच के दौरान कार्यालयों, आवासों और कैंप कार्यालयों की तलाशी ली गई.

वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच

मिली जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्यों से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी बारीकी से जांच की गई. आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय पुलिस का सहयोग भी लिया गया, ताकि कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी की जा सके. जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई बीआरओ के विभिन्न निर्माण कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और प्रक्रियागत गड़बड़ियों की जांच का हिस्सा है. बताया जा रहा है कि सीबीआई इस मामले की जांच लंबे समय से कर रही थी. प्रारंभिक जांच में जुटाए गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की योजना बनाई गई.


कुमाऊं से लेकर देहरादून तक खंगाले गए रिकॉर्ड

कुमाऊं क्षेत्र में मुनस्यारी, पिथौरागढ़ और नैनीताल में सीबीआई देहरादून की टीम ने कार्रवाई का नेतृत्व किया. इन स्थानों पर संबंधित कार्यालयों, अधिकारियों के आवासों और कैंप कार्यालयों की गहन जांच की गई. वहीं हरिद्वार और देहरादून में बाहरी राज्यों से पहुंची सीबीआई की विशेष टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया. फिलहाल सीबीआई की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की जांच और संभावित कार्रवाई तय होगी.