अमित शाह के दौरे से उत्तराखंड BJP में चुनावी हलचल तेज, धामी के नेतृत्व में 65 पार का लक्ष्य हासिल करने की चुनौती

अमित शाह के उत्तराखंड दौरे से भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी धामी के नेतृत्व में 65 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है.

nasir husain
Sagar Bhardwaj

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के बाद भाजपा ने संगठन और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश दिया है. इस दौरे से पार्टी में नई ऊर्जा आई है और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

धामी के नेतृत्व पर भरोसा

अमित शाह के दौरे से यह संकेत मिला है कि भाजपा 2027 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लड़ने की तैयारी कर रही है. पार्टी समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त भू-कानून और नकल विरोधी कानून को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर पेश कर रही है. इससे नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगता दिख रहा है.

65 सीटें जीतने का लक्ष्य आसान नहीं

उत्तराखंड विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं. भाजपा ने आगामी चुनाव में 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. हालांकि, पिछले चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि यह लक्ष्य आसान नहीं होगा. साल 2017 में भाजपा ने 57 सीटें जीती थीं, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में 47 सीटें हासिल कर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी.

इस लक्ष्य को पाने के लिए भाजपा को उन क्षेत्रों में भी मजबूत प्रदर्शन करना होगा, जहां कांग्रेस की पकड़ रही है. अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मजबूती से काम करने और 'बूथ जीता-चुनाव जीता' की रणनीति अपनाने का संदेश दिया है. पार्टी पन्ना प्रमुखों को सक्रिय करने और बूथ प्रबंधन पर भी जोर दे रही है.

विपक्ष के सामने भाजपा की चुनौती

भाजपा की राह में कांग्रेस के अलावा उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) भी चुनौती पेश कर सकता है. कांग्रेस पलायन, बेरोजगारी, पहाड़ी क्षेत्रों के विकास और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. वहीं, UKD मूल निवास और सख्त भू-कानून के मुद्दों पर जनसमर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है.

अमित शाह के दौरे के बाद भाजपा ने चुनावी अभियान को गति देने के संकेत दिए हैं. अब देखना होगा कि धामी के नेतृत्व में पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल कर पाती है या नहीं और 65 पार का लक्ष्य कितना सफल होता है.