आदि कैलाश यात्रा का जबरदस्त उत्साह, 39 दिनों में ही पिछले साल का पूरा रिकॉर्ड ध्वस्त
आदि कैलाश यात्रा पर श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड उत्साह देखने को मिल रहा है. ओम पर्वत यात्रा के लिए इनरलाइन परमिट की संख्या ने पिछले साल के पूरे सत्र का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मात्र 39 दिनों में ही पिछले वर्ष के कुल आंकड़े को पार कर लिया गया है जिससे व्यास घाटी में आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिल रही है.
उत्तराखंड: आदि कैलाश यात्रा पर श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि ओम पर्वत यात्रा के लिए इनरलाइन परमिट की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. आदि कैलाश यात्रा को लेकर देशभर के भक्तों और पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह है. इस वर्ष यात्रा शुरू होने के मात्र 39 दिनों में ही 36,776 इनरलाइन परमिट जारी हो चुके हैं जबकि पिछले वर्ष पूरे सत्र में 36,526 परमिट जारी हुए थे. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से सीमांत क्षेत्र का यह आध्यात्मिक केंद्र तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अक्टूबर 2023 में यहां ध्यान लगाने और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 2024 में योग कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इस क्षेत्र की प्रसिद्धि बढ़ गई. 2025 में आयोजित आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है.
आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा के प्रति लोगों की बढ़ती आस्था:
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा के प्रति लोगों की बढ़ती आस्था इसका
प्रमाण है कि इतनी बड़ी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं. यात्रा मार्गों पर सड़क सुविधाओं के विस्तार, यात्री सुविधाओं और आवास व्यवस्था में सुधार के सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं.
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बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा आसान
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आवासीय सुविधाओं में लगातार वृद्धि
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आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति
आदि कैलाश और ओम पर्वत आध्यात्मिक केंद्र बनकर उभरा:
व्यास घाटी क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश और ओम पर्वत अब न सिर्फ आध्यात्मिक केंद्र बनकर उभरा है बल्कि साहसिक पर्यटन का भी महत्वपूर्ण स्थल बन गया है. इनरलाइन परमिट की बढ़ती मांग से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है. होटल, गाइड और स्थानीय दुकानदारों को अच्छा कारोबार हो रहा है.
प्रशासन यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और सुविधाओं को और बेहतर बनाने का लगातार प्रयास कर रहा है. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
सफल हो रही सीमांत पर्यटन संवर्धन नीति:
यह रिकॉर्ड संख्या दर्शाती है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सीमांत पर्यटन संवर्धन नीति सफल हो रही है. आदि कैलाश यात्रा अब देशभर के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है.
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखें और निर्धारित नियमों का पालन करें. व्यास घाटी के इस आध्यात्मिक स्थल को और विकसित करने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है. आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र पर एक चमकते सितारे की तरह उभर रही है. इस वर्ष का रिकॉर्ड उत्साह आने वाले वर्षों में और ज्यादा श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा.