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विदेशी नंबर से WhatsApp कॉल, आरजू बिश्नोई बन कारोबारी से मांगे 5 करोड़

श्री मुक्तसर साहिब में एक आढ़ती से विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई. शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है और आरोपित की पहचान में जुटी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में एक कारोबारी को विदेशी नंबरों से लगातार व्हाट्सएप कॉल कर जान से मारने की धमकी देने और करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. शिकायत के अनुसार कॉल करने वाले ने खुद को "आरजू बिश्नोई" बताया और पैसे नहीं देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी जांच तेज कर दी है.

बैंस कॉलोनी निवासी तरसेम कुमार बत्रा ने पुलिस को बताया कि वह नई अनाज मंडी में दुकान नंबर 70 पर "एमएल बत्रा संस" के नाम से आढ़त का कारोबार करते हैं. उनके अनुसार 23 जुलाई को उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को "आरजू बिश्नोई" बताते हुए दो करोड़ रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी.

दो दिन में बढ़ी रंगदारी की रकम

शिकायतकर्ता के मुताबिक उन्होंने 24 जुलाई को पूरे मामले की लिखित शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंप दी थी. इसके बावजूद 25 जुलाई को एक अन्य विदेशी नंबर से तीन बार व्हाट्सएप कॉल आई. इस बार कॉल करने वाले ने फिर खुद को "आरजू बिश्नोई" बताया और रंगदारी की रकम बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी. साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दोहराई.


एफआईआर दर्ज, तकनीकी जांच शुरू

शिकायत मिलने के बाद थाना सिटी पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब विदेशी नंबरों, व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम कॉल से जुड़े हर डिजिटल सुराग को खंगाल रही है ताकि धमकी देने वाले की पहचान की जा सके.

हर एंगल से जांच कर रही पुलिस

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कॉल वास्तव में विदेश से की गई थी या इंटरनेट आधारित किसी माध्यम का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान बनाई गई. इसके लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ होगी.

गिरोह से जुड़ाव की भी होगी पड़ताल

पुलिस का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है. जांच में यह भी देखा जाएगा कि धमकी देने वाला किसी संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा है या कारोबारी को किसी अन्य उद्देश्य से निशाना बनाया गया. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि तकनीकी और खुफिया स्तर पर कार्रवाई जारी है और आरोपित की पहचान कर जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी.