ताजमहल में नमाज पढ़ते युवक का वीडियो हुआ वायरल, योगी यूथ ब्रिगेड ने आंदोलन की चेतावनी

आगरा के ताजमहल में एक युवक के नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने से विवाद खड़ा हो गया है. एएसआई के नियमों के अनुसार ताजमहल में किसी भी धार्मिक गतिविधि पर प्रतिबंध है. योगी यूथ ब्रिगेड ने इस घटना पर नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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Kanhaiya Kumar Jha

आगरा: यूपी के जनपद आगरा के विश्व प्रसिद्ध ताजमहल में एक बार फिर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक ताजमहल के गार्डन में नमाज अदा करता नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो गुरुवार का है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नियमों के तहत ताजमहल परिसर में किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि पर प्रतिबंध है.

वीडियो सामने आने के बाद योगी यूथ ब्रिगेड ने नाराजगी जताई है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजय तोमर ने कहा कि जब ताजमहल में जलाभिषेक या अन्य धार्मिक अनुष्ठान की अनुमति नहीं है, तो नमाज पढ़ना भी नियमों का खुला उल्लंघन है. उन्होंने इस घटना को सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया और चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सड़कों पर उतरेगा.

वीडियो में दिखा युवक नमाज अदा करते हुए

वायरल वीडियो में सफेद कपड़े पहने एक युवक ताजमहल की दीवार के पास पेड़ की छांव में किबला दिशा की ओर रुकू-सज्दा करता दिखाई दे रहा है. वीडियो दूर से रिकॉर्ड किया गया है और इसमें आसपास कोई सुरक्षाकर्मी नहीं दिख रहा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

एएसआई के नियम और पूर्व में हुए विवाद

एएसआई के अनुसार, ताजमहल एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, न कि कोई धार्मिक स्थल. इसलिए यहां किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि सख्ती से वर्जित है. इससे पहले भी ताज परिसर में नमाज या अन्य धार्मिक गतिविधियों पर विवाद हो चुके हैं, जिन पर एएसआई ने जुर्माना लगाया था.

प्रशासन जांच में जुटा

सूत्रों के मुताबिक, नमाज पढ़ने वाला युवक संभवतः पर्यटक के रूप में परिसर में दाखिल हुआ था. स्थानीय प्रशासन ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है.

ताजमहल की गरिमा पर उठे सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि ताजमहल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा को बचाने के लिए ऐसी घटनाओं पर सख्त निगरानी जरूरी है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सुरक्षा का नहीं बल्कि राष्ट्रीय धरोहर की मर्यादा का मामला है.

इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि देश की सांप्रदायिक सद्भावना को भी चुनौती दी है. प्रशासन अब इस वायरल वीडियो की सच्चाई की जांच कर रहा है.