नोएडा: एक्शन में योगी सरकार, वेतन विवाद सुलझाने के लिए बनाई उच्च स्तरीय कमेटी; मांगों पर होगा विचार

नोएडा में श्रमिकों का प्रर्दशन हिंसक होने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने वेतन विवाद के मामले को सुलझाने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है.

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Ashutosh Rai

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एक्शन मोड में आ गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर मामले का स्थायी समाधान निकालने और शहर में औद्योगिक शांति फिर से बहाल करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है.

कमेटी में कौन-कौन शामिल?

शासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस नवगठित उच्च स्तरीय समिति की कमान औद्योगिक विकास आयुक्त को सौंपी गई है, जो इसके अध्यक्ष होंगे. उनके साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव और श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव को समिति का अहम सदस्य बनाया गया है.

आपसी सहमति से सुलझाने पर जोर

यह मामला सीधे तौर पर मजदूरों और फैक्ट्री मालिकों से जुड़ा है, इसलिए विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है. इसी के मद्देनजर समिति में श्रमिक यूनियनों के पांच प्रतिनिधियों और उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है. सरकार की रणनीति है कि सभी स्टेकहोल्डर्स को एक मेज पर बैठाकर उनकी समस्याएं सुनी जाएं और बीच का रास्ता निकाला जाए.

सोमवार को सड़क पर उतरा मजदूरों का गुस्सा

बता दें कि लंबे समय से रुकी हुई वेतन वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को हजारों फैक्ट्री कर्मचारी सड़क पर उतर आए थे. फेज-2, सेक्टर-60, 62 और 84 के इलाकों में शुरू हुआ यह प्रदर्शन जल्द ही उग्र हो गया. 

भीड़ ने की तोड़फोड़

उग्र भीड़ ने भारी तोड़फोड़ की, कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और जमकर पथराव किया. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-9 को भी जाम कर दिया था, जिससे दिल्ली-नोएडा सीमा पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और सुबह दफ्तर जाने वाले हजारों लोग घंटों फंसे रहे.

प्रशासनिक फैसलों के बावजूद भड़की हिंसा

हैरानी की बात यह है कि यह हिंसक झड़प प्रशासन द्वारा मजदूरों के हक में लिए गए कई बड़े फैसलों के ठीक एक दिन बाद हुई. रविवार को ही प्रशासन ने डबल ओवरटाइम और समय पर वेतन सुनिश्चित करने की घोषणा की थी.

पुलिस बल तैनात

फिलहाल, बवाल वाले इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है. पुलिस के अनुसार स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि योगी सरकार द्वारा बनाई गई यह नई कमेटी मजदूरों के आक्रोश को शांत करने में कितनी कारगर साबित होती है.