महाकुंभ की पवित्रता और भव्यता न केवल भारत के लोगों को बल्कि दुनियाभर के श्रद्धालुओं को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है. एक समूह में शामिल ईरान की एक महिला ने बताया कि वह दुबई और लिस्बन के बीच अपने परिवार के साथ रहती हैं और यह उनका पहला महाकुंभ है.
गंगा में पहली बार लगाई डुबकी
महिला ने बताया कि उनका नौ सदस्यों का समूह अलग-अलग देशों से महाकुंभ में हिस्सा लेने आया है. बुधवार सुबह 10 बजे उन्होंने पवित्र गंगा में डुबकी लगाई. यह अनुभव उनके लिए बेहद खास और आध्यात्मिक था.
यह अद्भुत है
महिला ने महाकुंभ के आयोजन और व्यवस्थाओं की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, "कुंभ का संगठन अद्भुत है. यहां की व्यवस्था और अनुभव प्रेरणादायक है. हम एक सुंदर टेंट कॉलोनी में ठहरे हैं और सब कुछ बहुत सुव्यवस्थित है."
हमारा 9 लोगों का ग्रुप हैं और हम दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए हैं।
— MahaKumbh 2025 (@MahaaKumbh) January 13, 2025
मेरे पति और मैं दुबई और लिस्बन के बीच रहते हैं। यह हमारा पहला महाकुंभ है। सुबह 10 बजे पवित्र गंगा में डुबकी लगाएंगे।
कुंभ बहुत ही अच्छी तरह संगठित है, यह अनुभव अद्भुत और प्रेरणादायक है। हम एक सुंदर टेंट… pic.twitter.com/eoIoy34dfb
यह जीवन का महत्वपूर्ण क्षण
ईरान से आई महिला ने युद्ध और कठिनाइयों से जूझते मिडिल ईस्ट क्षेत्र से भारत की ओर की गई इस आध्यात्मिक यात्रा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण क्षण बताया. ऐसे माहौल में शांति और सुकून प्राप्त करने के लिए महाकुंभ में भाग लेना उनके लिए खास मायने रखता है.
विश्वभर के लोगों का संगम
महाकुंभ न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का संगम भी है. महिला और उनके समूह के लिए यह एक ऐसा मंच है, जहां विश्वभर से आए लोग आध्यात्मिकता, भाईचारे और शांति का अनुभव कर सकते हैं.