उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी निवेश को उत्तर प्रदेश में बढ़ाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की. चर्चा में मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और पर्यटन के साथ युवाओं के रोजगार पर भी जोर दिया गया. सरकार जापान के विभिन्न क्षेत्रों से औद्योगिक सहयोग बढ़ाने और राज्य को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसके लिए जापानी भाषा प्रशिक्षण और विशेष निवेश व्यवस्था पर भी काम किया जाएगा.
योगी आदित्यनाथ ने इन्वेस्ट UP में यामानाशी जापान डेस्क बनाने की बात कही. यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है. मुख्यमंत्री ने निवेश से जुड़े कामों की प्रगति की जानकारी भी ली. जापान में सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में होने वाले आयोजनों में प्रदेश की टीम भेजने की तैयारी है.
बैठक में जापानी भाषा के प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया. सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के युवाओं के लिए जापान के यामानाशी समेत दूसरे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मजबूत हों. साथ ही जापानी पर्यटकों को सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु जैसे प्रमुख बौद्ध स्थलों तक पहुंचाने के लिए सुविधाएं बेहतर करने की योजना है.
उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में भाषिणी मंच ने भाषा की बाधा कम करने में अहम भूमिका निभाई. इसमें हिंदी, अंग्रेजी और जापानी के बीच तुरंत बोलकर लिखने और अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराई गई. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अंग्रेजी संबोधन का जापानी में तत्काल अनुवाद भी किया गया. यह मंच 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को बहुभाषी सुविधा दे रहा है.
सम्मेलन में विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, अर्धचालक, नवाचार, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई. सरकार का लक्ष्य जापान से निवेश आकर्षित करने के साथ औद्योगिक संबंधों को लंबे समय के लिए मजबूत करना है. 240 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे को दोनों पक्षों के बीच बढ़ते सहयोग का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.