UP Weather Alert: 1 अगस्त से बदलेगा मौसम, 10 अगस्त तक होगी झमाझम बारिश! बिजली गिरने का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 1 अगस्त से उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय होगा. तराई के जिलों में बारिश की शुरुआत होगी, जबकि 4 से 10 अगस्त तक कई इलाकों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है.

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Babli Rautela

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 1 अगस्त से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. सबसे पहले तराई क्षेत्र के जिलों में बारिश का दौर शुरू होगा और इसके बाद 4 अगस्त से 10 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात को लेकर भी अलर्ट जारी किया है.

1 अगस्त से तराई के जिलों में बदलेगा मौसम

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और मानसूनी ट्रफ के उत्तर प्रदेश की ओर सक्रिय होने के कारण बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी. बारिश की शुरुआत सबसे पहले लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और आसपास के तराई क्षेत्रों से होगी. इसके बाद धीरे-धीरे इसका असर मध्य, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी दिखाई देगा.

4 से 10 अगस्त तक भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक, 4 अगस्त से 10 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. इस दौरान तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है. लगातार होने वाली बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और छोटे नालों व नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका भी बनी रहेगी.


आईएमडी ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. विभाग ने चेतावनी दी है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें. इसके अलावा किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है, ताकि बिजली गिरने जैसी घटनाओं से बचा जा सके.

लखनऊ समेत कई जिलों में तापमान सामान्य से नीचे

शुक्रवार को राजधानी लखनऊ का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 45 जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जो मानसून की सक्रियता का संकेत है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने के साथ तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है.

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें. यदि कहीं तेज बारिश या बिजली चमक रही हो तो सुरक्षित स्थान पर रहें और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि लगातार बारिश के चलते जलभराव और जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी रहेगी.