यूपी में बढ़ी उमस की मार, 18 जुलाई से मानसून फिर पकड़ सकता है रफ्तार; IMD की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे लोगों को भीषण उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग ने गुरुवार को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. गुरुवार को भी मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि कई स्थानों पर गर्मी और उमस बने रहने का अनुमान है. मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसून की गतिविधियां सीमित हैं, लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी. विभाग के अनुसार 18 जुलाई से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है. इसके बाद अगले दो दिनों में इसका असर प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकता है.
धीमा पड़ा मानसून, बढ़ी लोगों की परेशानी
मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान की ओर से आ रही सूखी हवाओं का असर उत्तर प्रदेश पर भी पड़ा है. इसके कारण प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से से मानसून वाले बादल हट गए हैं. यही वजह है कि बारिश की गतिविधियां कम हो गई हैं और उमस भरी गर्मी लगातार लोगों को परेशान कर रही है.
लखनऊ में बादल, शाम तक बारिश के आसार
विभाग ने अनुमान लगाया है कि गुरुवार को राजधानी लखनऊ में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और शाम तक हल्की बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, लखनऊ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. इससे पहले दिनभर उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है.
Also Read
18 जुलाई से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा के उत्तरी तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र का असर शनिवार, 18 जुलाई से उत्तर प्रदेश में दिखाई देने लगेगा. वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, मानसून की सक्रियता सबसे पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी. इसके बाद अगले 48 घंटों में इसका प्रभाव मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है.
17 से 22 जुलाई तक बारिश के संकेत
आईएमडी ने 17 से 22 जुलाई के बीच उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से चक्रवाती परिसंचरण और मानसून द्रोणी की स्थिति के कारण पूर्वी तराई के कुछ इलाकों में ही बारिश सीमित रही थी. अब मौसम की परिस्थितियों में बदलाव के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
प्रयागराज सबसे गर्म, कई जिलों में दर्ज हुई बारिश
बुधवार को प्रयागराज 39.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा. वहीं, कुछ जिलों में बारिश भी दर्ज की गई. अंबेडकर नगर में 75 मिमी, हमीरपुर में 54 मिमी, मथुरा में 44 मिमी, अयोध्या में 42 मिमी और गोरखपुर में 38 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई. इससे साफ है कि प्रदेश में मौसम का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रूप में देखने को मिल रहा है.