UP Panchayat Election 2026: नवंबर से पहले होगा पंचायत चुनाव? हाईकोर्ट की सुनवाई से बढ़ी हलचल

UP Panchayat Election 2026 को लेकर वायरल चुनाव कार्यक्रम ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हाईकोर्ट की सुनवाई से चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

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Ashutosh Rai

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तारीखें तेजी से शेयर की जा रही हैं. वायरल पोस्ट में अक्टूबर और नवंबर में मतदान के साथ 18 नवंबर को मतगणना का दावा किया गया है. वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई के कारण चुनाव जल्द होने की चर्चा भी तेज है. हालांकि, अभी इन तारीखों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

हाईकोर्ट की सुनवाई से क्यों बढ़ी हलचल?

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में पंचायत चुनाव में देरी से जुड़े मामले की सुनवाई हुई थी. अदालत ने कहा था कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद छह महीने के भीतर मतदान कराना सरकार की वैधानिक जिम्मेदारी है. राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यह छह महीने की अवधि नवंबर 2026 में पूरी होगी. कोर्ट ने चुनाव में देरी से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे हैं और मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की गई थी. हालांकि, अदालत की इस टिप्पणी को चुनाव की तय तारीख घोषित करने वाला आदेश समझना सही नहीं होगा. मतदान कब होगा, इसका फैसला आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.

वायरल चुनाव कार्यक्रम में कितनी सच्चाई?

सोशल मीडिया पर वायरल एक ग्राफिक में ग्राम प्रधान चुनाव के लिए 15 अक्टूबर, 21 अक्टूबर, 29 अक्टूबर और 7 नवंबर को चार चरणों में मतदान कराने का दावा किया गया है. इसमें 18 नवंबर को मतगणना की तारीख भी बताई गई है. पड़ताल में उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर ऐसा कोई आधिकारिक कार्यक्रम, अधिसूचना या प्रेस रिलीज नहीं मिली. आयोग के एक अधिकारी ने भी बताया कि पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है. वायरल ग्राफिक में कुछ जिलों के नामों में गलतियां भी बताई गई हैं. ऐसे में इसे आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम मानना सही नहीं है और सोशल मीडिया के दावों को सावधानी से देखना जरूरी है.


क्या नवंबर से पहले हो सकता है पंचायत चुनाव?

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव नवंबर से पहले ही करा दिए जाएंगे. हाईकोर्ट की टिप्पणी से सरकार पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर दबाव जरूर बढ़ा है लेकिन चुनाव की तारीख तभी पक्की मानी जाएगी, जब राज्य निर्वाचन आयोग आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा. चुनाव प्रक्रिया में OBC आरक्षण और मतदाता सूची से जुड़े काम भी अहम हैं. इसलिए वायरल तारीखों के आधार पर तैयारी करने या किसी दावे को अंतिम सच मानने के बजाय आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना बेहतर है. फिलहाल 11 अगस्त की हाईकोर्ट सुनवाई पर भी सभी की नजर बनी हुई है.