UP के स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस पर लग गई रोक, लगातार विरोध कर रहे थे टीचर्स

Digital Attendance: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के विरोध के बाद डिजिटल अटेंडेंस पर रोक लगा दी गई है. साथ ही, मुख्य सचिव ने शिक्षक संघ को भरोसा दिलाया है कि एक कमेटी बनाकर शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और डिजिटल अटेंडेंस की खामियों को दूर किया जाएगा.

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Digital Attendance: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था हाल ही में शुरू की गई थी. लगातार विरोध के बाद अब इस पर दो महीने के लिए रोक लगा दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है. फिलहाल, यह तय नहीं है कि इसे दोबारा कब लागू किया जाएगा. इससे पहले, शिक्षकों ने इसमें तमाम खामियां बताते हुए इसका विरोध शुरू कर दिया था. बता दें कि इसी सत्र में यह व्यवस्था शुरू की गई थी लेकिन अब इसे रोक दिया गया है.

प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षकों की जवाबदेही तय करने, हाजिरी में होने वाली गड़बड़ियों और खानापूर्ति को खत्म करने और पारदर्शिता लाने के लिए यह व्यवस्था शुरू की थी. इसके तहत, शिक्षकों के साथ-साथ स्टूडेंट्स की अटेंडेंस भी ऑनलाइन दर्ज कराई जानी है. इसके लिए सभी स्कूलों को डिवाइस भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं.

लगातार हो रहा था विरोध

जिस दिन से यह व्यवस्था लागू की गई उसी दिन से इसकी खामियां लोगों के सामने आने लगी थीं. अटेंडेंस लगाने वाले शिक्षकों ने बताया कि सर्वर स्लो होने की वजह से आधे से एक घंटे का समय सिर्फ इसी में चला जा रहा था. स्कूल आने पर और फिर जाने पर अटेंडेंस लगाए जाने की अनिवार्यता के चलते शिक्षकों का काफी समय खर्च हो रहा था. इसके अलावा, कई बार इंटरनेट और अन्य तकनीकी खामियां भी सामने आ रही थीं.

इन समस्याओं को लेकर शिक्षक संघ से जुड़े लोगों ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन शुरू कर दिया था. शिक्षकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने आज मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से मुलाकात की और उनके सामने अपनी बातें रखीं. इस मुलाकात के बाद डिजिटल अटेंडेंस पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है. कहा जा रहा है कि एक कमेटी बनाई जाएगी जो 6 महीने में अपनी रिपोर्ट सामने रखेगी.