एक मीडिया चैनल (News18 UP Mega Survey) द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वे में उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. सर्वे में शामिल तीन-चौथाई लोग योगी सरकार की कानून व्यवस्था से संतुष्ट दिखे, हालांकि रोजगार के मुद्दे पर योगी सरकार सर्वे में सबसे निचले पायेदान पर खड़ी दिखी. यानी रोजगार के मुद्दे पर लोगों में सबसे ज्यादा नाराजगी दिखी है. केवल 58.3 प्रतिशत लोग प्रदेश में रोजगार के अवसरों से खुश दिखे.
सर्वे में शामिल लोगों ने रोजगार के मुद्दे पर योगी सरकार को सबसे कम नंबर दिए हैं. मात्र 32.7 प्रतिशत लोग ही प्रदेश में रोजगार की स्थिति से बहुत ज्यादा संतुष्ट दिखे, 25.6 प्रतिशत लोग कुछ हद तक, 14.8 प्रतिशत लोग असंतुष्ट और 11.8 प्रतिशत लोग कुछ हद तक असंतुष्ट दिखे.
सर्वे के मुताबिक, रोजगार का मुद्दा सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है क्योंकि इसे दूसरा सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा माना गया है और यह विशेष रूप से युवा मतदाताओं के बीच महत्वपूर्ण है.
इंफ्रास्ट्रक्चर (बिजली, सड़क पानी) के मुद्दे पर 6 8.7% लोगों ने सरकार के काम पर संतुष्टि दिखाई. इसमें 45% लोग बहुत ज्यादा और 23.7% लोग कुछ हद तक संतुष्ट दिखे.
कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर संयुक्त रूप से 66.2% लोगों ने सहमति जताई वहीं 65.7% लोग स्वास्थ्य सेवा ढांचे से खुश दिखे. शिक्षा व्यवस्था के ढांचे पर लोगों ने तुलनात्मक रूप से कम (63.9%) संतुष्टि जाहिर की. 37.3% लोग बहुत संतुष्ट और 26.6% लोग कुछ हद तक संतुष्ट नजर आए.
भ्रष्टाचार कंट्रोल करने के मुद्दे पर 63.6% लोग सरकार के काम से संतुष्ट दिखे, जिसमें से 42.6% पूरी तरह से और 14.2% लोग पूरी तरह से असंतुष्ट नजर आए.
सर्वे के मुताबिक, एनडीए के समर्थन सभी पैमानों पर भारी सकारात्मक थे जबकि विपक्ष के मतदाताओं ने बड़े पैमाने पर नाराजगी जाहिर की. कानून व्यवस्था के मुद्दे पर 89.6% बीजेपी समर्थकों ने संतुष्टि जाहिर की जबकि सपा-कांग्रेस और बसपा के 43% समर्थकों ने इस मुद्दे पर नाराजगी दिखाई. वहीं रोजगार का मुद्दा ऐसा था जिस पर बीजेपी और एनडीए समर्थकों ने भी कम सहमति रेटिंग व्यक्त की. इस सर्वे में 18 साल से ऊपर के 75 जिलों के 30,925 लोगों को शामिल किया गया, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के लोग शामिल थे.