प्रयागराज में दारोगा 25 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, विवेचना में धारा कम करने के नाम पर मांगी थी घूस

प्रयागराज के सोरांव थाने में तैनात दारोगा संयम जायसवाल को एंटी करप्शन टीम ने 25 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया. आरोप है कि मुकदमे की धाराएं कम करने के बदले घूस मांगी गई थी.

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Sagar Bhardwaj

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) की टीम ने सोरांव थाने में तैनात दारोगा संयम जायसवाल को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. थाने के बाहर हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच भी घटना चर्चा का विषय बन गई.

धारा कम करने के बदले मांगी थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार, जून 2026 में गहरपुर गांव के उदयराज पटेल और अतुल परिहार के बीच मारपीट के मामले में दोनों पक्षों ने सोरांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. इस प्रकरण की विवेचना दारोगा संयम जायसवाल को सौंपी गई थी. आरोप है कि विवेचना के दौरान मुकदमे में लगी धाराओं को कम करने के बदले दारोगा ने उदयराज पटेल से 75 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी.

शिकायत के बाद बिछाया गया जाल

पीड़ित ने 17 जुलाई को एंटी करप्शन टीम से शिकायत की. प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की योजना बनाई. शनिवार को 13 सदस्यीय टीम सोरांव थाने के सामने स्थित एक चाय की दुकान पर पहुंची. जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 25 हजार रुपये दारोगा को दिए, टीम ने तत्काल उसे रंगेहाथ पकड़ लिया. अचानक हुई कार्रवाई से आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए.

सादे कपड़ों में पहुंचा था दारोगा

बताया गया कि कार्रवाई के समय दारोगा ड्यूटी पर होने के बावजूद वर्दी में नहीं था. वह सादे कपड़े पहनकर थाने के बाहर पहुंचा था. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसे आशंका थी कि वर्दी में रिश्वत लेते हुए कोई वीडियो बना सकता है, इसलिए उसने पहचान छिपाने की कोशिश की. हालांकि, एंटी करप्शन टीम की निगरानी के चलते उसकी योजना सफल नहीं हो सकी.

केस दर्ज, अदालत में होगी पेशी

गिरफ्तार दारोगा संयम जायसवाल, सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ क्षेत्र का निवासी है. उसके खिलाफ शिवकुटी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जाएगा. भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके.