Ghaziabad staircase collapse: गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में रविवार तड़के एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक रिहायशी इमारत की सीढ़ी का हिस्सा अचानक ढह गई. इस हादसे में दो परिवार अपने फ्लैटों में फंस गए. ग़नीमती रही इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. ढही हुई सीढ़ियां फ्लैटों के मुख्य द्वार से सीधे जुड़ी थीं, जिसके चलते लोगों का बाहर निकलना असंभव हो गया. लगभग 10 घंटे की मशक्कत के बाद सुबह बचाव दल ने अभियान चलाकर फंसे परिवारों को सुरक्षित निकाला.
बचाए गए निवासियों में से एक ने सहायता में देरी पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, "रविवार होने के कारण दमकल की गाड़ी आने में देरी हुई. लेकिन आपदाएं समय नहीं देखतीं." निवासी ने यह भी जोर देकर कहा कि ऐसी सोसाइटियों में मेंटेनेंस के लिए साफ़ और सख्त दिशानिर्देश लागू किए जाने चाहिए.
#Ghaziabad के #vasundhara में @uphousingboard की इमारत कि सीढ़िया गिरीं
— Ayush Gangwar/आयुष गंगवार (@a4ayushg) August 3, 2025
बाल-बाल बचे लोग
27 साल पुरानी इमारत
अब सवाल उठ रहे
क्या निर्माण में लापरवाही हुई?
क्या घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई?
👨👩👧 रहवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे@Live_Hindustan @AwasMitraUP @CMOfficeUP @PMOIndia pic.twitter.com/aSSf1036jR
बिल्डिंग की जर्जर हालत
ये बिल्डिंग उत्तर प्रदेश आवास विकास योजना के तहत बनी एक पुरानी सोसाइटी का हिस्सा है, जो करीब 30 साल पुरानी है. एक निवासी ने बताया कि इस सोसाइटी के फ्लैट वर्ष 2000 में आवंटित किए गए थे. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मेंटेनेंस फीस बेहद कम है, जो सोसाइटी के बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त नहीं है. इसके अलावा, सोसाइटी के रखरखाव के लिए कोई एकीकृत व्यवस्था या जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं है.
सोसाइटी पर उठते सवाल
हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने वसुंधरा जैसे क्षेत्रों में पुरानी रिहायशी इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. यह घटना प्रशासन और सोसाइटी प्रबंधन के लिए एक चेतावनी है कि रखरखाव और सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देनी होगी.