लखनऊ: होली के त्योहारी सीजन में उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. अब जिन रेल मार्गों पर यात्रियों की भीड़ ज्यादा होगी, वहां मांग के अनुसार विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी. इसके लिए अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस) की हर दो घंटे में रिपोर्ट तैयार कर समीक्षा करने के निर्देश जारी किए गए हैं.
पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक प्रकाश चन्द्र जायसवाल ने यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को लेकर अधीनस्थ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की. बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रमुख गंतव्यों के लिए यात्रियों की वास्तविक संख्या का आकलन यूटीएस रिपोर्ट से किया जाए और जहां अधिक भीड़ हो, वहां विशेष ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तत्काल परिचालन विभाग को भेजा जाए.
उन्होंने आरक्षित टिकटों की स्थिति, तत्काल बुकिंग और प्रतीक्षा सूची की नियमित निगरानी कर उपलब्ध सीटों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने को कहा. अनारक्षित यात्रियों के लिए पर्याप्त टिकट काउंटर खुले रखने, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों को चालू रखने और स्टेशन परिसर में टिकट व्यवस्था सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया.
बैठक में स्टेशन सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए. इसमें साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, सहायता केंद्रों की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी के साथ समन्वय बनाए रखने व यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए.
रेल अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि स्टेशनों पर सही और स्पष्ट उद्घोषणा हो, कोच गाइडेंस सिस्टम का अतिरिक्त बैकअप तैयार रहे और वेटिंग रूम की उचित व्यवस्था व निगरानी सुनिश्चित की जाए. जल आपूर्ति, वाटर वेंडिंग मशीनों का संचालन, खानपान इकाइयों की व्यवस्था और दिव्यांग यात्रियों की सुविधाओं को भी दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया.
अनाधिकृत यात्रा रोकने और यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए विशेष टिकट जांच अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया. रेलवे प्रशासन का मानना है कि होली के दौरान यात्रियों की अचानक बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था यात्रियों को बड़ी राहत देगी और यात्रा को अधिक सुरक्षित व सुगम बनाएगी.