सपा नेता का महिला को IAS बनाने का कथित ऑफर वायरल, RLD ने अखिलेश की पार्टी पर साधा निशाना

मथुरा में सपा नेता डॉ. राजन रिजवी के नाम से वायरल वॉट्सऐप संदेश को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है. RLD ने कथित IAS बनाने के ऑफर पर सपा की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

मथुरा: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी के बीच मथुरा से सामने आए एक कथित वॉट्सऐप संदेश ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट को समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता डॉ. राजन रिजवी से जोड़ा जा रहा है. दावा है कि संदेश में एक महिला की तारीफ करते हुए भविष्य में सपा की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री के जरिए उन्हें डेपुटेशन के आधार पर IAS बनवाने की कोशिश करने की बात कही गई. RLD ने इस मुद्दे पर सपा को घेरा है.

सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट में एक महिला को संबोधित करते हुए कई व्यक्तिगत टिप्पणियां की गई हैं. संदेश में महिला की सुंदरता, व्यक्तित्व और काम की तारीफ का जिक्र है. इसके बाद कथित तौर पर कहा गया है कि अगर भविष्य में राजनीति में आगे बढ़ने का मौका मिला और सपा की सरकार बनी, तो मुख्यमंत्री से कहकर उन्हें डेपुटेशन के आधार पर IAS बनवाने की कोशिश की जाएगी. हालांकि, इस वायरल संदेश की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है.

‘सपा की सरकार बनी तो IAS बनवाऊंगा’

वायरल संदेश में कथित तौर पर लिखा गया है कि महिला की मौजूदा नौकरी संदेश भेजने वाले को पसंद नहीं है. आगे राजनीतिक भविष्य और सपा सरकार बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री से बात करने का दावा किया गया है. संदेश के अंत में महिला से सकारात्मक भाव रखने और आशीर्वाद देने की अपील भी बताई जा रही है. इसी हिस्से को लेकर विवाद सबसे ज्यादा बढ़ा है और विपक्षी दल इसे राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल से जोड़ रहे हैं.


RLD ने साधा सपा पर निशाना

राष्ट्रीय लोक दल के वरिष्ठ नेता रोहित अग्रवाल ने इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश में सपा की सरकार बनी भी नहीं है और उसके नेताओं को लेकर इस तरह के दावे सामने आ रहे हैं. अग्रवाल ने सवाल उठाया कि यदि पार्टी सत्ता में आ गई तो राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा. उन्होंने पूरे मामले को सपा की राजनीतिक संस्कृति से जोड़ते हुए निशाना साधा.

IAS नियुक्ति पर उठाए सवाल

रोहित अग्रवाल ने तंज कसते हुए कहा कि IAS जैसी प्रशासनिक सेवा की नियुक्ति राजनीतिक सिफारिश से नहीं होती. उन्होंने UPSC और संवैधानिक प्रक्रिया का जिक्र करते हुए वायरल संदेश में किए गए कथित दावे पर सवाल उठाया. RLD नेता का कहना है कि प्रशासनिक सेवाओं को राजनीतिक पहुंच से जोड़कर पेश करना व्यवस्था की गरिमा के खिलाफ है. हालांकि, वायरल संदेश में ‘डेपुटेशन’ को लेकर किया गया दावा वास्तविक प्रशासनिक प्रक्रिया से कैसे मेल खाता है, यह अलग से स्पष्ट किया जाना बाकी है.

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

मथुरा से सामने आए इस कथित संदेश ने यूपी की सियासत में चर्चा तेज कर दी है. विपक्षी दल इसे महिलाओं को राजनीतिक लाभ का प्रलोभन देने और प्रशासनिक पदों को लेकर अनुचित दावा करने का मामला बता रहे हैं. दूसरी ओर, वायरल स्क्रीनशॉट की प्रामाणिकता और संदेश भेजने वाले की पुष्टि स्वतंत्र रूप से सामने नहीं आई है. ऐसे में पूरे मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी.