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Sambhal Violence: सपा का 10 सदस्यीय डेलिगेशन आज जाएगा संभल, मृतकों के परिजनों को सौंपा जाएगा 5-5 लाख का चेक

सपा के जिला महासचिव सईद अख्तर इसराइली ने कहा कि डेलिगेशन अपनी मुलाकात के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को इस यात्रा की रिपोर्ट सौंपेगा. यह पहला मौका है जब समाजवादी पार्टी का डेलिगेशन संभल पहुंच रहा है.

Kamal Kumar Mishra
Sambhal Violence: सपा का 10 सदस्यीय डेलिगेशन आज जाएगा संभल, मृतकों के परिजनों को सौंपा जाएगा 5-5 लाख का चेक
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Sambhal Violence: 24 नवंबर को संभल में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों से मिलने के लिए समाजवादी पार्टी का एक 10 सदस्यीय डेलिगेशन आज संभल पहुंचने वाला है. इस दौरान डेलिगेशन के सदस्य मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेंगे और उन्हें आर्थिक मदद भी प्रदान करेंगे. 

समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन का नेतृत्व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे और विधान परिषद के नेता प्रतिलक्ष बिहारी पांडे करेंगे. इसके अलावा, स्थानीय सांसद और विधायक भी इस मौके पर उपस्थित रहेंगे. डेलिगेशन के इस दौरे के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये का चेक दिया जाएगा.

मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद

हिंसा में मारे गए 5 लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पहले ही घोषित किया था. उन्होंने पीड़ित परिवारों को 5-5 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया था. अब यह डेलिगेशन मारे गए लोगों के परिजनों से मिलकर उनकी मदद करेगा. 

संभल हिंसा में 49 से अधिक गिरफ्तार

संभल हिंसा 24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई थी, जब सर्वे टीम पर स्थानीय लोगों द्वारा हमले की खबरें आईं. हिंसा में पांच लोगों की मौत हुई और कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए. इस हिंसा के बाद पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज की हैं, जिसमें संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क का नाम भी शामिल है. अब तक 49 से अधिक लोग इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं.

गौरतलब है कि यह हिंसा 19 नवंबर को शुरू हुई, जब स्थानीय कोर्ट ने शाही मस्जिद के सर्वे के लिए आदेश दिए थे. इस आदेश के बाद मुस्लिम पक्ष की आपत्ति के बावजूद सर्वे टीम 24 नवंबर को वहां पहुंची. जैसे ही टीम ने सर्वे शुरू किया, पत्थरबाजी, आगजनी और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं, जिससे पांच लोग जान गंवा बैठे. 

क्या करेगी पुलिस?

अब देखना यह है कि पुलिस डेलिगेशन को परिजनों से मिलने की अनुमति देती है या नहीं, क्योंकि इस तरह के संवेदनशील मामलों में सुरक्षा व्यवस्था का खास ध्यान रखा जाता है.