राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट! नई SIT की एंट्री से पहले अयोध्या में हलचल, सुरक्षाकर्मीयों से होगी पूछताछ

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई एसआईटी जल्द जांच शुरू कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित टीम के अयोध्या पहुंचने से पहले पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां परिसर में तैनात कर्मियों से सघन पूछताछ कर रही हैं.

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Babli Rautela

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित नई विशेष जांच टीम (SIT) जल्द अयोध्या पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर सकती है. इससे पहले मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पुलिस और निजी सुरक्षा कर्मियों से लगातार पूछताछ की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, नई एसआईटी के औपचारिक रूप से जांच शुरू करने से पहले स्थानीय स्तर पर तथ्यों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है.

नई SIT का हुआ गठन

उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले की जांच के लिए नई एसआईटी का गठन किया है. टीम में लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस, अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर शामिल हैं. बताया जा रहा है कि टीम कभी भी अयोध्या पहुंचकर जांच की कमान संभाल सकती है.

सुरक्षाकर्मियों से लगातार हो रही पूछताछ

नई जांच से पहले पुलिस अधिकारी मंदिर परिसर में उस समय ड्यूटी पर तैनात रहे पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं. विशेष रूप से गणना कक्ष (काउंटिंग रूम) और उसके आसपास तैनात रहे सुरक्षाकर्मियों से विस्तृत जानकारी ली जा रही है. इसके अलावा मंदिर परिसर के अन्य सुरक्षा प्वाइंट पर ड्यूटी करने वाले कर्मियों से भी उनके दायित्व और उस दौरान की गतिविधियों के बारे में पूछताछ की जा रही है.


सूत्रों के मुताबिक, केवल पुलिसकर्मी ही नहीं बल्कि मंदिर परिसर में तैनात निजी सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं. जून और जुलाई के दौरान गणना कक्ष या उसके आसपास ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों से विशेष रूप से पूछताछ की जा रही है. वर्तमान में तैनात कर्मियों से भी सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है.

नई जांच से पहले जुटाए जा रहे तथ्य

सूत्रों का कहना है कि मौजूदा पूछताछ का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की जिम्मेदारियों से जुड़ी जानकारी एकत्र करना है. माना जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया नई एसआईटी की जांच को सुचारु और प्रभावी बनाने के लिए प्रारंभिक तैयारी का हिस्सा है. नई एसआईटी जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर कुछ संदिग्धों से दोबारा पूछताछ भी कर सकती है.