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'ब्राह्मणों से अच्छी वेश्याएं', सपा प्रवक्ता के विवादित बयान से बढ़ा विवाद; BJP ने बोला हमला

सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के ब्राह्मण समाज पर विवादित बयान वाले वीडियो से राजनीतिक विवाद बढ़ गया है. भाजपा और कई संगठनों ने बयान की निंदा की, जबकि भाटी ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय का अपमान करना नहीं था.

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Kanhaiya Kumar Jha

लखनऊ: अपने बयानों को लेकर विवादों में रहनेवाले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो ब्राह्मण समुदाय को लेकर एक विवादित मुहावरे का प्रयोग करते हुए दिख रहे हैं. भाटी का ये वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. ब्राह्मण समुदाय ने जहां उनके इस बयान को लेकर आक्रोश जाहिर किया है वही भाजपा समेत कई संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

दरअसल, सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी का जो वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, उसमें वो ये बोलते हुए नजर आ रहे हैं कि 'ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय, और कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय…'. इस विवादित मुहावरे का वीडियो सामने आने के बाद ब्राह्मण समाज के लोग इसपर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं. वही बीजेपी ने भी इस वीडियो को राजनीतिक हथियार बनाते हुए समाजवादी पार्टी पर हमले तेज कर दिए हैं.

राजकुमार भाटी ने अपने बयान पर दी सफाई

वीडियो वायरल होने के बाद जब राजनीतिक विवाद शुरू हो गया तब राजकुमार भाटी ने अपने विवादित बयान को लेकर सफाई पेश की है. उन्होंने कहा कि समाज में प्रचलित जातिगत कहावतों और मुहावरों का जिक्र उन्होंने बयान में किया था, जो विभिन्न समुदायों के लिए अपमानजनक होते हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल उदाहरण के तौर पर इन पंक्तियों का उल्लेख किया था और उनकी मंशा किसी समाज को नीचा दिखाने की नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी बातें गलत हैं और उन्हें स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि वीडियो की छोटी क्लिप को जानबूझकर वायरल किया जा रहा है.

बीजेपी ने साधा निशाना, कहा- यह ब्राह्मण समाज का अपमान

राजकुमार भाटी का वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने भाटी के बयान की निंदा की और कहा कि भाटी का यह बयान पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान है. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर विधानसभा चुनाव से पहले जातीय तनाव पैदा करने और समाज को बांटने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया. त्रिपाठी ने कहा कि सपा नेताओं द्वारा जानबूझकर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं जिससे समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो.