EXCLUSIVE: होर्मुज का 'वॉटर बम' और ट्रंप का महायुद्ध! समंदर में ईरान ने बिछाया तीसरे विश्व युद्ध का जाल
ईरान और अमेरिका का तनाव चरम पर पहुंच गया है. तेहरान ने होर्मुज खाड़ी में तेल बहाकर एक खतरनाक 'वॉटर बम' तैयार किया है.
मिडिल ईस्ट में हालात बहुत ज्यादा बिगड़ चुके हैं. वाशिंगटन और तेहरान के बीच की दुश्मनी अब केवल हथियारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि भयंकर तेल युद्ध में बदल गई है. ईरान ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसे आर्थिक परमाणु हमले के बराबर माना जा रहा है. ईरान ने समंदर के पानी को ज्वलनशील तरल में बदलकर महाविनाश की तैयारी कर ली है.
खार्ग द्वीप के पास खौफनाक रणनीति
फारस की खाड़ी स्थित खार्ग आइलैंड के पास समुद्री पानी अब काले तेल से ढका जा रहा है. तेहरान अपने भरे हुए तेल भंडारों को वैश्विक बाजार में बेचने के बजाय सीधे समंदर में उड़ेल रहा है. हर रोज लाखों बैरल कच्चा तेल पानी में बहाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य एक विशाल ज्वलनशील जाल बिछाना है. अगर इस फैले हुए तेल में एक भी चिंगारी लगी, तो पूरा समंदर आग के भयंकर कुएं में बदल जाएगा.
विदेशी युद्धपोतों पर मंडराता भारी संकट
समंदर में तैरते इस 'वॉटर बम' के कारण कई देशों की नौसेनाओं के पसीने छूट रहे हैं. यहां तैनात अमेरिका का ताकतवर जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन सबसे बड़े खतरे में है. इसके साथ ही फ्रांस और ब्रिटेन के लड़ाकू जहाज भी पलक झपकते नष्ट हो सकते हैं. फिलहाल करीब दो हजार व्यापारिक और सैन्य जहाज इस इलाके में फंसे हैं.
वाशिंगटन के अंदर मची खलबली
इस संकट की खबर मिलते ही वाशिंगटन के सिचुएशन रूम में आपातकालीन बैठकों का दौर शुरू हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसको लेकर बहुत गुस्से में हैं.
तीसरा विश्वयुद्ध
होर्मुज जलडमरूमध्य की कुल चौड़ाई केवल चौंतीस किलोमीटर है, जो एक बहुत ही संकरा रास्ता है. इस पतले जलमार्ग में अमेरिका की भारी सैन्य मौजूदगी ही अब उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है. तेहरान की यह आत्मघाती चाल पूरी दुनिया को गहरे संकट में धकेल सकती है.