West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

विवादों में घिरे प्रीपेड बिजली मीटर होंगे पोस्टपेड, जानिए कैसे चेंज होगा मोड?

अनाप- शनाप बिलिंग के बाद विवादों आए प्रीपेड बिजली मीटरों को सरकार ने पोस्टपेड करने का फैसला लिया है. हर माह मोबाइल पर आएगा बिल, जमा करने के लिए मिलेगा 15 दिन का समय.

Google
Dhiraj Kumar Dhillon

उत्तर प्रदेश में बिजली के प्रीपेड मीटरों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब तक लगाए गए सभी प्रीपेड मीटर पोस्टपेड किए जाएंगे. बता दें कि सरकार ने ‌शिकायतें मिलने के बाद प्रीपेड मीटर लगाने की अनिवार्यता को पहले ही समाप्त कर दिया था, अब लगाए जा चुके मीटर भी पोस्टपेड किए जाएंगे. उत्तर प्रदेश की राजधानी में ही सरकार के इस फैसले से दो लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.

ऐसे चेंज होगा मीटर का मोड

प्रीपेड बिजली मीटर को पोस्टपेड कराने के ल‌िए उपभोक्तों को कुछ नहीं करना है, यानी न तो इसके लिए कोई आवेदन करना होगा न ही कोई फीस लगेगी. दरअसल ये स्मार्ट मीटर हैं तो कंट्रोल रूम में लगे कंप्यूटर से संचालित होते हैं. बस कंप्यूटर पर एक क्लिक करते ही प्रीपेड मीटर का मोड बदलकर पोस्टपेट हो जाएगा.

हर माह 10 तारीख तक बिल मिलेगा

हर महीने की 10 तारीख तक उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड नंबर बिल पहुंच जाएगा. बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं के पास 15 दिन का समय होगा. अब जून माह में 1 से 10 तारीख तक प्रीपेड मीटर वाले सभी उपभोक्ताओं को भी बिल मिलेगा. उपभोक्ताओं के मोबाइल पर री‌डिंग, बिजली की दरें और देय राशि के साथ पूरा ब्यौरा दिया जाएगा.

बकाएदारों का कनेक्शन एक क्लिक पर कटेगा

मीटर का मोड बदले जाने से बकाएदारों को राहत नहीं मिलने वाली. देय तिथि के बाद भी बिल जमा न होने पर बिजली का कनेक्शन कटने में देर नहीं लगेगी. दरअसल स्मार्ट ‌मीटर से बिजली सप्लाई को ही कंप्यूटर पर एक ‌क्लिक करते ही काटा जा सकेगा. पुराने मीटरों पर बकाया होने के बाद बिजलीकर्मियों को मौके पर जाकर ही डिस्कनेक्ट करना पड़ता था. उसमें कई बार बिजली कर्मियों पर आरोप भी लगते थे और नौबत मारपीट तक आ जाती थी, स्मार्ट मीटर बिजली कर्मियों को इन सब दिक्कतो से बचाएंगे.

परेशानी होने पर इस नंबर पर करें शिकायत

मध्यांचल विद्युत निगम के उपभोक्ता किसी तरह की परेशानी होने पर होने पर हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं. प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय से निस्तारण न होने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी.