शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना क्षेत्र स्थित गांव इस्सोपुर खुरगान में रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है. यहां एक 24 वर्षीय महिला, मशकुरा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. शुरुआती जांच में जिसे स्वाभाविक मौत मानकर परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, वह दरअसल उसके ससुर द्वारा की गई एक सोची-समझी हत्या थी. पुलिस ने इस मामले में आरोपी ससुर अब्बास उर्फ बासा और उसके बेटे सलमान को गिरफ्तार कर लिया है.
एसपी एनपी सिंह के अनुसार, मशकुरा की शादी तीन साल पहले सलमान से हुई थी, जो लुधियाना में मजदूरी करता था. घर पर मशकुरा अपने एक साल के बेटे और ससुर अब्बास के साथ रहती थी. इस दौरान मशकुरा के गांव मंडावर के एक युवक, जाबिद से संबंध बन गए थे. जब अब्बास को इसकी भनक लगी, तो उसने इस राज को सार्वजनिक करने की धमकी देकर मशकुरा पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया.
14 फरवरी की शाम जब जाबिद मशकुरा से मिलने घर आया, तो उसके जाने के बाद अब्बास ने पुनः मशकुरा का शोषण करने का प्रयास किया. मशकुरा ने इसका कड़ा विरोध किया और बचाव में ससुर को लात मार दी. इससे तिलमिलाए अब्बास ने लुधियाना में अपने बेटे सलमान को फोन कर मशकुरा के संबंधों की जानकारी दी. इसके बाद पिता और पुत्र ने मिलकर मशकुरा को रास्ते से हटाने की साजिश रची. 15 फरवरी की रात अब्बास ने मशकुरा का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को कंबल ओढ़ाकर चारपाई पर लिटा दिया.
अगली सुबह अब्बास ने ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए इसे स्वाभाविक मौत बताया. उसने तर्क दिया कि गले के निशान सीढ़ी से गिरने के कारण आए हैं. वह बिना पोस्टमार्टम के ही शव को दफनाने की फिराक में था, लेकिन मशकुरा के भाई शाकिर की शिकायत पर पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने की पुष्टि होते ही पुलिस का शक अब्बास पर गहरा गया. कड़ाई से पूछताछ करने पर अब्बास ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि कैसे उसने वेल्डिंग मिस्त्री की मदद से जाली कटवाकर दरवाजा खुलवाने का नाटक किया था ताकि किसी को शक न हो.