प्यार, धोखा और गोली...पुलिस ने सुलझाई झांसी की पहली महिला ऑटो चालक की हत्या की गुत्थी
पुलिस के मुताबिक, अनीता अपने पति के अलावा पिछले 6-7 सालों से मुकेश नामक व्यक्ति के संपर्क में थी. हाल के महीनों में दोनों के बीच विवाद हुआ और अनीता ने रिश्ता खत्म कर लिया.
झांसी की पहली महिला ऑटो-रिक्शा चालक अनीता चौधरी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. 45 वर्षीय अनीता का शव स्टेशन रोड पर खून से लथपथ हालत में मिला था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी गर्दन में गोली लगने की पुष्टि हुई है. यह मामला लूट का नहीं, बल्कि प्यार और धोखे से जुड़ा निकला.
काम पर निकलीं, घर वापस नहीं लौटीं
अनीता 4 जनवरी की रात करीब 9:30 बजे काम के लिए घर से निकली थीं. देर रात तक वापस न लौटने पर परिवार चिंतित हो गया. तड़के करीब 3:30 बजे परिवार को सूचना मिली कि अनीता स्टेशन रोड पर घायल हालत में मिली है. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी.
पहले लूट का शक, फिर खुला सच
शुरुआत में पति द्वारिका चौधरी ने लूट के बाद हत्या की आशंका जताई, क्योंकि अनीता का मोबाइल और गहने गायब थे लेकिन पुलिस जांच में साफ हुआ कि यह सुनियोजित हत्या थी. अनीता का ऑटो कुछ दूरी पर मिला.
ऐसे हुई आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी मुकेश झा, उसके रिश्तेदार मनोज झा और बेटे शिवम झा को नामजद किया. मनोज और शिवम को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था. मुकेश फरार था, जिस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया.
कई सालों से एक दूसरे के संपर्क में थे दोनों
पुलिस के मुताबिक, मुकेश और अनीता के बीच पिछले 6–7 साल से संपर्क था. दोनों करीब चार साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे. हाल के महीनों में दोनों के बीच विवाद हुआ और अनीता ने रिश्ता खत्म कर लिया. मुकेश इसे धोखा मान बैठा.
हत्या की रात क्या हुआ
4 जनवरी की रात अनीता सवारी छोड़ने जा रही थी, तभी एक कार ने उसके ऑटो का पीछा किया. कार ने रास्ता रोक लिया और मुकेश ने पास से गोली मार दी.
पुलिस ने सूचना के आधार पर मुकेश को पकड़ने की कोशिश की. भागते वक्त उसने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल की.
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है. अनीता की कहानी झांसी ही नहीं, पूरे समाज के लिए एक कड़वी सीख बन गई है.