कपसाड़ कांड में पुलिस को बड़ी सफलता, किडनैप दलित युवती को हरिद्वार से किया बरामद, गिरफ्त में मुख्य आरोपी

कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या व उसकी बेटी का अपहरण करने के मामले में पुलिस को सफलता मिली है. मेरठ और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अपहृत लड़की को हरिद्वार से बरामद कर लिया है.

Anuj

मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ के कपसाड़ गांव कांड में मुख्य आरोपी पारस सोम को पुलिस ने शनिवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया. मेरठ और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अपहृत लड़की को हरिद्वार से सुरक्षित बरामद कर लिया. एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि अभी पूछताछ जारी है और घटनाक्रम से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है.

सड़क पर उतरा विपक्ष

इस घटना को लेकर शनिवार को दिनभर राजनीतिक हलचल रही. विभिन्न पार्टियां सड़कों पर उतरी. राजनीतिक नेताओं ने कपसाड़ गांव जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने किसी को भी गांव तक जाने नहीं दिया. सपा सांसद रामजी लाल, आसपा अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद व विधायक अतुल प्रधान समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए. इस दौरान पुलिस और नेताओं के बीच धक्कामुक्की और खींचतान भी हुई.

मां की हत्या, बेटी का अपहरण

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को मां की हत्या के बाद पारस सोम और उसके साथियों ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया था. तीन दिन तक आरोपी पकड़ में नहीं आए और युवती बरामद नहीं हुई. इसी कारण दो दिन से हंगामा जारी रहा और विपक्षी दल लगातार सरकार पर दबाव डालते रहे.

विपक्षी नेताओं का धरना प्रदर्शन

सपा सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान को काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया. दोनों नेताओं ने धक्कामुक्की और तीखी नोकझोंक के बाद वहीं धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान अन्य कार्यकर्ता भी नेताओं के साथ मौजूद रहे और प्रदर्शन किया.

चंद्रशेखर आजाद को रोका

वहीं, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गाजियाबाद से बाइक पर सवार होकर काशी टोल पहुंचे. पुलिस ने वहां बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे जाने से रोका. उनके समर्थकों के साथ धक्कामुक्की और बहस हुई, लेकिन उन्होंने धरना-प्रदर्शन जारी रखा.

बीजेपी नेता संगीत सोम ने दिया आश्वासन

विधायक अतुल प्रधान की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान को भी पुलिस ने रोक लिया. इसके अलावा कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल और सांसद तनुज पूनिया भी पीड़ित परिवार से मिलने के लिए टोल पर रोक दिए गए. उन्होंने तीन घंटे धरना दिया. वहीं, पूर्व विधायक संगीत सोम और भाजपा नेता सुनील भराला गांव में जाकर परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.