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राम मंदिर में दानराशि गणना पर अब होगी पुलिस की भी नजर, ट्रस्ट ने दिया CCTV कैमरों का एक्सेस

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दानराशि गणना कक्ष सहित सभी सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस अब पुलिस को भी दे दिया है. चढ़ावा चोरी मामले के बाद यह फैसला लिया गया है.

Chatgpt (Representative image)
Km Jaya

अयोध्या: अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि परिसर में दानराशि की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दानराशि गणना कक्ष सहित परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस अब पुलिस को भी दे दिया है. इससे ट्रस्ट और पुलिस दोनों स्तरों पर संयुक्त निगरानी की जा सकेगी. जरूरत पड़ने पर पुलिस अधिकारी और ट्रस्ट के अधिकारी अलग अलग भी कैमरों की लाइव निगरानी और फुटेज देख सकेंगे.

यह फैसला हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले के बाद लिया गया है. विशेष जांच दल की जांच में पता चला था कि दानराशि गणना कक्ष में कैमरे लगे होने के बावजूद उनका एक्सेस केवल ट्रस्ट के पास था. पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इन कैमरों की निगरानी की अनुमति नहीं थी. इसी वजह से पहले पुलिस गणना कक्ष की गतिविधियों की निगरानी नहीं कर पा रही थी.

जांच के दौरान फुटेज में क्या आया सामने?

बीते पांच जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई थी. जांच के दौरान फुटेज में कुछ गणना कर्मी नोटों की गड्डियां अपनी जेब में रखकर बाथरूम में छिपाते हुए दिखाई दिए. इसके बाद ट्रस्ट ने आंतरिक जांच शुरू की और संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ की गई. जांच के दौरान उनके ठिकानों से लगभग 80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने 15 जून से विशेष जांच दल का गठन कर जांच शुरू कराई.


व्यवस्था में क्या किया गया बदलाव?

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि गणना कक्ष की निगरानी केवल ट्रस्ट कर्मियों तक सीमित थी. हालांकि पूरे राम मंदिर परिसर में लगे लगभग 800 सीसीटीवी कैमरों का नियंत्रण पहले से पुलिस के पास था, लेकिन गणना कक्ष का एक्सेस उपलब्ध नहीं था. अब यह व्यवस्था बदल दी गई है, जिससे दानराशि की गिनती के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी. ट्रस्ट की हालिया बैठक में भी इस व्यवस्था पर संतोष जताया गया और निगरानी को और सख्त बनाने पर जोर दिया गया.

इसके साथ ही ट्रस्ट सीसीटीवी कैमरों के डाटा स्टोरेज की क्षमता भी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. वर्तमान में कैमरों का डाटा लगभग 45 दिनों तक सुरक्षित रहता है. विशेष जांच दल को शुरुआती जांच में करीब 40 दिनों का डाटा मिला था, जिसमें चोरी की लगभग 70 घटनाएं रिकॉर्ड हुई थीं. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर छह गणना कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. नई व्यवस्था के लागू होने के बाद दानराशि की निगरानी पहले से अधिक मजबूत और पारदर्शी होने की उम्मीद है.